'कास्ट' में अपने सबसे चुनौतीपूर्ण किरदारों में से एक निभाने को तैयार कशिका कपूर, शारीरिक बदलाव को लेकर किया खुलासा

अभिनेत्री कशिका कपूर अपनी महत्वाकांक्षी तेलुगु फिल्म 'कास्ट' की रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह फिल्म एक हॉरर-कॉमेडी ड्रामा है, जिसकी कहानी में सामाजिक संदर्भ को भी प्रमुखता दी गई है। फिल्म का दिलचस्प टीजर रिलीज हो चुका है, जिसमें कशिका कपूर गायत्री के किरदार में नजर आ रही हैं। यह भूमिका उनके अब तक निभाए गए किरदारों से बिल्कुल अलग है और उनके अभिनय करियर में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।
अपने किरदार के बारे में बात करते हुए कशिका कपूर ने गायत्री को बेहद बहुआयामी बताया। अभिनेत्री के मुताबिक, इस किरदार में उन्हें कुछ ऐसा करने का मौका मिला है, जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया। उन्होंने बताया कि गायत्री का व्यक्तित्व गंभीरता और भावनाओं का मिश्रण है, जो उन्हें भावनात्मक और कमजोर पक्ष को भी पर्दे पर दिखाने का अवसर देता है। कशिका ने कहा, “फिल्म में एक मोड़ पर मेरे किरदार पर किसी आत्मा का साया भी आ जाता है।”
किरदार के लिए ढाई सप्ताह में बढ़ाया 6 किलो वजन
कशिका कपूर ने फिल्म में अपने किरदार के अनुरूप दिखने के लिए शारीरिक बदलाव भी किए। उन्होंने महज ढाई सप्ताह में छह किलो वजन बढ़ाया। अभिनेत्री ने बताया कि इसके बाद दूसरी फिल्मों के लिए उन्हें दोबारा वजन घटाना पड़ा। इस वजह से अलग-अलग फिल्मों के किरदारों के मुताबिक अपने लुक को बनाए रखना उनके लिए लगातार चुनौतीपूर्ण रहा।
कशिका ने कहा, “इसके बाद मुझे दूसरी फिल्मों के लिए फिर से वजन घटाना पड़ा। इसलिए यह लगातार वजन बढ़ाने और घटाने की प्रक्रिया थी। एक ही समय में अलग-अलग फिल्मों के लिए अलग-अलग लुक बनाए रखना आसान नहीं होता। लेकिन मुझे अपने किरदार के साथ न्याय करने के लिए यह बदलाव करना पड़ा।”
जातिगत भेदभाव और समानता की बात करती है फिल्म
कशिका कपूर के मुताबिक, फिल्म 'कास्ट' का विषय हमारे समाज से जुड़ा है और इसकी कहानी संविधान से प्रेरित विचारों को सामने रखती है। उन्होंने कहा कि यह जाति को संवैधानिक नजरिए से समझने और समानता की गारंटी के महत्व को दर्शाती है। किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति के कारण भेदभाव, बहिष्कार या अन्याय का सामना नहीं करना चाहिए।
अभिनेत्री ने बताया कि फिल्म की वास्तविकता से जुड़ी कहानी ने उन्हें इसकी ओर आकर्षित किया। उनके अनुसार, यह फिल्म जाति को केवल एक अवधारणा के रूप में पेश नहीं करती, बल्कि यह दिखाती है कि आज भी जाति किस तरह लोगों के जीवन, उनके फैसलों और पहचान को प्रभावित करती है।
कशिका ने कहा, “यह फिल्म उपदेश देने की कोशिश नहीं करती। यह वास्तविक और बेबाक तरीके से एक कहानी कहती है। इसमें कुछ भी बनावटी नहीं है। यह दर्शकों को कहानी महसूस करने और अपने नजरिए से उसका अर्थ समझने का अवसर देती है।”
सामाजिक मुद्दों पर बातचीत शुरू करना चाहती हैं कशिका
कशिका कपूर का मानना है कि एक कलाकार के तौर पर उन फिल्मों का हिस्सा बनना उनकी जिम्मेदारी है, जो समाज में जागरूकता और संवाद को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि कोई फिल्म रातोंरात सब कुछ नहीं बदल सकती, लेकिन वह लोगों की सोच और नजरिए में बदलाव की शुरुआत कर सकती है।
अभिनेत्री ने कहा, “मैं ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती थी, जो लोगों के बीच चर्चा और जागरूकता पैदा करें। बदलाव की शुरुआत बातचीत से होती है।”
अभिनय में नए प्रयोग करने के लिए तैयार
कशिका कपूर ने यह भी कहा कि दर्शक हमेशा कलाकारों से विविधता की उम्मीद करते हैं। उनके अनुसार, एक अभिनेता के रूप में आगे बढ़ने के लिए अपने सहज दायरे से बाहर निकलना और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाना जरूरी है।उन्होंने कहा, “अगर आप एक अभिनेता के रूप में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो आपको अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर कुछ असाधारण करना होगा। अगर आप हमेशा सुरक्षित रास्ता चुनेंगे, तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे।”फिल्म 'कास्ट' के साथ कशिका कपूर अपनी फिल्मोग्राफी में एक नया और चुनौतीपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रही हैं। अब दर्शकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि गायत्री के किरदार में उनका नया अंदाज पर्दे पर कितना प्रभाव छोड़ता है।



