अस्वीकृत हुआ धान तो किसान 48 घंटे के भीतर कर सकेंगे अपील
गठित समिति करेगी पुन: गुणवत्ता परीक्षण

रायबरेली। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत धान खरीद के दौरान शासनादेश खाद्य तथा रसद अनुभाग-4 के प्रस्तर 13.3 में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में यदि किसी किसान का धान निर्धारित मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर अस्वीकृत किया जाता है और किसान इससे संतुष्ट नहीं है, तो वह संबंधित तहसील में कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। उन्होंने बताया कि अपील के निस्तारण के लिए क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
समिति में संबंधित मंडी समिति के सचिव, ग्रेडर, केंद्र प्रभारी तथा दो स्वतंत्र कृषक सदस्य होंगे। स्वतंत्र कृषक ऐसे होंगे, जिन्हें विगत वर्ष समिति में नामित नहीं किया गया हो। समिति द्वारा अपील प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर किसान की उपस्थिति में धान का पुन: विश्लेषण किया जाएगा व उसकी स्वीकार्यता के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि समिति में संबंधित तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अध्यक्ष, संबंधित मंडी समिति के सचिव, ग्रेडर सदस्य, संबंधित केंद्र प्रभारी जिस केन्द्र पर धान अस्वीकृत किया गया सदस्य व दो स्वतंत्र कृषक सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि धान अस्वीकृत किए जाने की स्थिति में क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा रिजेक्शन रजिस्टर में धान विक्रेता का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, धान की मात्रा व अस्वीकृति का पर्याप्त एवं स्पष्ट कारण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। साथ ही, इसकी आॅनलाइन प्रविष्टि भी सुनिश्चित की जाए। निर्धारित मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर अस्वीकृत धान का नमूना संबंधित क्रय केंद्र पर संरक्षित रखा जाएगा।


