करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप और आदेश की अनदेखी पर सूचना आयोग सख्त, अधिकारियों को नोटिस

गौरव कुमार। हरिद्वार
उत्तराखंड राज्य सूचना आयोग ने हरिद्वार के हिल इंडस्ट्रियल एरिया बाईपास मार्ग स्थित करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि से जुड़े मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। आयोग ने लोक सूचना अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर हरिद्वार और सिडकुल हरिद्वार से संबंधित अधिकारियों के मामले में संज्ञान लेते हुए सुनवाई के लिए 5 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। ज्वालापुर निवासी अजीत सिंह चौहान ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत इस भूमि से संबंधित जानकारी मांगी थी। चौहान आरटीआई क्लब उत्तराखंड के सदस्य हैं। उनके अनुसार, उत्तराखंड राज्य गठन से पहले यह भूमि यूपीएसआईडीसी की थी, जो परिसंपत्तियों के बंटवारे के दौरान सिडकुल हरिद्वार को हस्तांतरित हुई थी। भूमि पर अवैध कब्जे और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर विश्वकर्मा पुरम नाम से कॉलोनी स्वीकृत कराए जाने का आरोप है। यह कॉलोनी बाद में निरस्त कर दी गई थी।
चौहान के अनुसार, वर्तमान में भूमि पर एक दर्जन से अधिक लोग अलग-अलग स्थानों पर कब्जा किए हुए हैं। मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने 23 जनवरी 2026 को अंतिम आदेश पारित किया था। आदेश के पैरा 21 में भूमि का सीमांकन कराने और 10 फरवरी 2026 को अभिलेखों का अवलोकन कराकर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। पैरा 25 में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण पर अजीत सिंह चौहान को 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया गया था। चौहान ने आरोप लगाया कि निर्धारित समयसीमा बीतने के बावजूद आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। इस पर उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18 के तहत राज्य सूचना आयोग में शिकायत की। आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षकारों और जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
- एचआरडीए पर 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश
राज्य सूचना आयोग ने 23 जनवरी 2026 के आदेश में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण पर 10 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति लगाई थी। आयोग ने कहा था कि अजीत सिंह चौहान को सूचना मिलने में अत्यधिक देरी हुई। आयोग ने प्राधिकरण को तीन माह बाद, लेकिन छह माह से अधिक नहीं, की अवधि में क्षतिपूर्ति की राशि देने और अनुपालन की जानकारी आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
- 10 फरवरी को होना था भूमि का सीमांकन
आयोग के आदेश के पैरा 21 में लोक सूचना अधिकारी, सिडकुल को उपजिलाधिकारी सदर हरिद्वार से अनुरोध कर संबंधित भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही 10 फरवरी 2026 को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के कार्यालय में अजीत सिंह चौहान को अभिलेखों का अवलोकन कराने और उनके द्वारा चिन्हित दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां देने की व्यवस्था तय की गई थी। आदेश का पालन नहीं होने की शिकायत पर आयोग ने अब सुनवाई की तारीख 5 नवंबर 2026 तय की है।



