हाईकोर्ट से राहत के बाद चंद्रशेखर रस्तोगी ने फिर संभाली नगर पंचायत की कमान

सलोन, रायबरेली। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद शनिवार को चंद्रशेखर रस्तोगी ने सलोन नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर अध्यक्ष पद का दोबारा कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार राय सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें नगर पंचायत कार्यालय तक लेकर पहुंचे। हालांकि, कार्यभार संभालने के बावजूद उन्हें फिलहाल वित्तीय अधिकार नहीं मिल सके हैं। इसके लिए शासन के निर्देशों का इंतजार करना होगा। नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी प्रियंका तिवारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए चंद्रशेखर रस्तोगी को अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण कराया गया है।
वित्तीय अधिकारों के संबंध में शासन को पत्राचार के माध्यम से जानकारी भेजी गई है। शासन से निर्देश प्राप्त होने के बाद ही इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल चंद्रशेखर रस्तोगी ने 29 दिसंबर 2025 को पारित उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके तहत जाति प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने के आधार पर उन्हें नगर पंचायत अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया गया था। करीमगंज निवासी चंद्रशेखर रस्तोगी पुत्र रामलखन रस्तोगी ने इस कार्रवाई के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। गुरुवार 15 अक्टूबर को मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी संबंधी आदेश के संचालन और क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। इसी आदेश के अनुपालन में शनिवार को उन्होंने दोबारा कार्यभार संभाल लिया।
मतगणना के बीच आए आदेश ने पलट दिया था घटनाक्रम
सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव की मतगणना के दौरान हाईकोर्ट का आदेश सामने आने से चुनावी घटनाक्रम ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया था। मतगणना के पांचवें राउंड के बाद मोहम्मद सरफराज अहमद बढ़त बनाकर जीत की स्थिति में पहुंच चुके थे। उन्हें केवल जीत के प्रमाणपत्र का इंतजार था, लेकिन इसी बीच हाईकोर्ट के आदेश के चलते चुनाव परिणाम की घोषणा रोक दी गई। इससे सरफराज अहमद और उनके समर्थकों को निराशा हाथ लगी।अब हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद चंद्रशेखर रस्तोगी ने दोबारा नगर पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल ली है। हालांकि, वित्तीय अधिकारों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। अधिशासी अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल न्यायालय के आदेश का पालन किया गया है और वित्तीय अधिकारों के संबंध में शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। ऐसे में नगर पंचायत के वित्तीय कामकाज को लेकर शासन के अगले निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।



