UP International Trade Show 2026: ग्लोबल मंच पर यूपी का हुनर, 90 देशों के खरीदारों ने दिखाई दिलचस्पी

ग्रेटर नोएडा, 29 सितंबर: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का ग्रेटर नोएडा में समापन हो गया। समापन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपीआईटीएस अब सिर्फ एक व्यापारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक और कारोबारी पहचान को दुनिया के सामने रखने वाला बड़ा मंच बन गया है। उनके मुताबिक, ट्रेड शो के जरिए प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों को एक साथ आने का अवसर मिला है।
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ट्रेड शो खत्म होने के साथ प्रदेश के कारोबारियों के लिए नए अवसरों का दौर शुरू हो रहा है। उन्होंने ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और मुख्यमंत्री युवा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं के जरिए प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों और युवाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
निवेश और कारोबार के लिए यूपी की बदलती तस्वीर
मंत्री ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम, उद्योगों के लिए प्रोत्साहन नीतियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े सरकार के कदमों से प्रदेश में कारोबारी माहौल को मजबूत करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तर प्रदेश को लगातार ‘टॉप एचीवर’ श्रेणी में जगह मिली है।
उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर और डेटा सेंटर सेक्टर का भी जिक्र किया। उनके अनुसार झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और आगरा में डिफेंस कॉरिडोर के जरिए रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में काम हो रहा है। वहीं ग्रेटर नोएडा डेटा सेंटर हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
युवाओं को कारोबार से जोड़ने पर जोर
भूपेंद्र चौधरी ने मुख्यमंत्री युवा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत बड़ी संख्या में युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया गया है। उनका कहना है कि ऐसी योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है।
उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज महाकुंभ का भी उल्लेख किया और कहा कि इनसे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिली है।
90 देशों से पहुंचे 600 से ज्यादा विदेशी खरीदार
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि यूपीआईटीएस प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों के उत्पादों को घरेलू बाजार से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अहम मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार ट्रेड शो में 90 देशों के 600 से ज्यादा विदेशी खरीदारों ने हिस्सा लिया।
जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस को पार्टनर कंट्री के तौर पर शामिल किया गया। इससे उत्तर प्रदेश के उत्पादों और कारोबार की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
बनारस की साड़ी से लखनऊ की चिकनकारी तक
नंदी ने कहा कि ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार और ब्रांडिंग से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। यूपीआईटीएस इन क्षेत्रों से जुड़े कारोबारियों को नए बाजार, खरीदार और कारोबारी संपर्क उपलब्ध कराने का मंच बन रहा है।



