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मतदाता सूची में गड़बड़ी पर दो एसडीएम समेत तीन पर एफआईआर

मतदाता सूची में गड़बड़ी पर दो एसडीएम समेत तीन पर एफआईआर

सदर विधानसभा क्षेत्र के 16,504 रिकॉर्ड में अनियमितताओं का कांग्रेस का दावा, सपा ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

पायनियर संवाददाता। पीलीभीत

सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने दो एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। तीसरे आरोपी मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी की तहरीर पर हुई इस कार्रवाई के बाद मामला गरमा गया है। कांग्रेस ने 16,504 मतदाता रिकॉर्ड में गड़बड़ी का दावा करते हुए सीबीआई जांच और डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की मांग की है। 

वहीं, समाजवादी पार्टी ने भी मतदाता सूची में कथित हेराफेरी की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के अनुसार, पार्टी की 56 टीमों ने 96 घंटे में सदर विधानसभा क्षेत्र के 3,48,937 मतदाताओं के रिकॉर्ड का मिलान किया। इसमें 16,504 रिकॉर्ड में कथित अनियमितताएं मिलने का दावा किया गया है। आरोप है कि करीब 2,600 मतदाताओं के नाम फॉर्म-6 की प्रक्रिया के बिना जोड़े गए, जबकि 804 मतदाताओं के नाम बिना नोटिस और फॉर्म-7 की प्रक्रिया के काटे गए। इसके अलावा 13,150 मतदाताओं के नामों में बदलाव किए जाने का दावा किया गया है।

 कांग्रेस नेता का कहना है कि इन मामलों से जुड़े दस्तावेज और स्क्रीनशॉट पार्टी के पास हैं। कुमुद गंगवार ने आरोपों की जांच कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय करने की मांग की है। उन्होंने सदर विधायक एवं प्रदेश के गन्ना मंत्री संजय गंगवार के दबाव में मतदाता सूची में बदलाव कराए जाने की आशंका भी जताई है। कांग्रेस ने तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच, डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

  • सपा ने भी उठाए सवाल, ईपीआईसी नंबर में गड़बड़ी का आरोप

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने बताया कि पार्टी ने 15 अक्तूबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की शिकायत की थी। सपा नेताओं ने तत्कालीन एसडीएम मयंक गोस्वामी समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि कुछ मामलों में समान ईपीआईसी नंबर होने के बावजूद मतदाताओं के नाम और पते में बदलाव किया गया। सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है। पूर्व मंत्री अनीस अहमद और हेमराज वर्मा ने भी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

  • लॉगिन आईडी और आईपी एड्रेस की जांच की मांग

कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने जिलाधिकारी को पत्र देकर संबंधित लॉगिन आईडी और आईपी एड्रेस की साइबर फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का मूल रिकॉर्ड से मिलान कराने और विवादित सप्लीमेंट्री सूचियों पर रोक लगाने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से मतदाता सूची में हुए कथित बदलावों और उनकी जिम्मेदारी तय करने में मदद मिल सकती है।

  • जांच से स्पष्ट होगी अनियमितताओं की हकीकत

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच में नामजद लोगों की भूमिका और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की पड़ताल होगी। कांग्रेस और सपा की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और निर्वाचन संबंधी अभिलेखों की जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में पुलिस जांच के साथ प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर भी निगाहें टिकी हैं।

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