थैलेसीमिया-मुक्त भारत के लिए ठोस सरकारी कदम उठाने की मांग

फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया ने सुरक्षित रक्त, जांच और उपचार व्यवस्था मजबूत करने पर दिया जोर
पायनियर समाचार सेवा। फरीदाबाद
फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया ने थैलेसीमिया-मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में सरकार से रोकथाम, सुरक्षित रक्त की उपलब्धता और मरीजों के उपचार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। संस्था ने विवाह पंजीकरण के समय थैलेसीमिया वाहक की स्थिति की जांच, युवाओं के लिए व्यापक जांच अभियान और स्कूलों के पाठ्यक्रम में थैलेसीमिया संबंधी जागरूकता को शामिल करने की मांग रखी है। संस्था के अनुसार थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को नियमित रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। ऐसे में सुरक्षित और पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है। सरकारी अस्पतालों में रक्त चढ़ाने, आवश्यक जांच, दवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की समन्वित व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की गई है। फाउंडेशन ने मरीजों की शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। संस्था का कहना है कि उपचार के साथ बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी सुरक्षित होना चाहिए। फरीदाबाद में रक्तदान को बढ़ावा देने में एच.एल. भूटानी, बसंत भाटिया, स्वर्गीय डॉ. ओ.पी. भल्ला, पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान कपिल देव, स्वर्गीय नरेंद्र चंचल और स्वर्गीय एम.एल. चतरथ सहित अनेक लोगों का योगदान रहा है। संस्था ने कपिल देव, कंगना रनौत और आलोक मित्तल को रक्तदान के लिए प्रेरित किया, जिन्होंने रक्तदान कर अभियान से अन्य लोगों को जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
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