तीन साल से सरकारी आदेश, फिर भी बुजुर्गों को आधे किराये के लिए करना पड़ रहा संघर्ष

- फरीदाबाद रोडवेज में 60 साल की उम्र वाले यात्रियों को रियायत देने के नियम की जानकारी नहीं होने का दावा
- परिचालक बोला-65 साल वालों को मिलती है छूट
कविता। फरीदाबाद
हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को राहत देने के लिए पुरुषों की बस किराये में रियायत की आयु सीमा 65 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष कर दी, लेकिन फरीदाबाद में इस आदेश के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 28 मार्च 2023 को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, एक अप्रैल 2023 से पात्र पुरुष वरिष्ठ नागरिकों को हरियाणा रोडवेज की बसों में 50 प्रतिशत किराया रियायत देने का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद फरीदाबाद से उत्तर प्रदेश जाने वाली सुबह आठ बजे की बस में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को आधे किराये की छूट नहीं मिली। बुजुर्ग ने जब परिचालक से कहा कि उनकी उम्र 60 साल है और उन्हें पेंशन भी मिलती है, तो परिचालक ने साफ कहा कि यह सुविधा 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए है।
यह मामला केवल एक यात्री को रियायत नहीं मिलने का नहीं, बल्कि सरकारी आदेशों की जानकारी और उनके जमीनी स्तर पर पालन का भी है। सवाल यह है कि जब आदेश में आयु सीमा स्पष्ट रूप से 60 वर्ष तय की गई है, तो पात्र बुजुर्गों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा?
28 मार्च 2023 के आदेश में स्पष्ट है 60 वर्ष की उम्र:
हरियाणा सरकार के परिवहन विभाग की ओर से जारी पत्र संख्या 19/4/2008-2टी(II) पर 28 मार्च 2023 की तारीख दर्ज है। पत्र के विषय में ही 65 वर्ष के बजाय 60 वर्ष की उम्र से पुरुष वरिष्ठ नागरिकों को रियायती किराया देने का उल्लेख किया गया है। आदेश में राज्यपाल की मंजूरी के बाद एक अप्रैल 2023 से 60 वर्ष की उम्र वाले पुरुष वरिष्ठ नागरिकों को बस किराये में 50 प्रतिशत रियायत देने की बात कही गई है।आदेश के अनुसार, इस सुविधा का लाभ हरियाणा के निवासियों को ही मिलना है और हरियाणा से बाहर जाने वाली बसों में भी यह रियायत हरियाणा रोडवेज की बसों में उपलब्ध होनी है। इसके लिए हरियाणा का निवास प्रमाण अनिवार्य है। 60 से 65 वर्ष आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के सत्यापन के बाद पात्रता स्वीकार की जाती है। इसके बाद संबंधित रोडवेज महाप्रबंधक पात्र वरिष्ठ नागरिक को रियायती बस पास जारी करते हैं। इस आयु वर्ग के यात्रियों के लिए यात्रा के दौरान बस पास साथ रखना अनिवार्य है।
इसका अर्थ है कि केवल 60 वर्ष की उम्र बताने या पेंशन लेने से स्वतः रियायत मिलना जरूरी नहीं है; निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर पात्र बस पास प्राप्त करना भी आवश्यक है। लेकिन यदि किसी पात्र यात्री को नियमों की जानकारी ही नहीं दी जा रही, तो वह सरकारी सुविधा का लाभ कैसे उठा पाएगा?
60 साल वालों के नियम की जानकारी नहीं:
बस में हुई घटना के बाद परिचालक से बातचीत की गई तो उसने कहा कि उसे 60 वर्ष की उम्र से रियायत देने वाले नियम की जानकारी नहीं है। उसके अनुसार, जिले में फिलहाल 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को ही यह सुविधा मिल रही है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या फरीदाबाद डिपो में परिचालकों को संशोधित नियमों की जानकारी दी गई है और क्या पात्र वरिष्ठ नागरिकों के बस पास जारी किए जा रहे हैं।
जीएम बोले
इस मामले में हरियाणा रोडवेज के फरीदाबाद-पलवल के महाप्रबंधक जितेंद्र से बात की गई। उन्होंने कहा कि संबंधित पत्र उनके पास नहीं है और वह नियमों का पता करेंगे। जब उन्हें उत्तर प्रदेश जाने वाली सुबह आठ बजे की बस में बुजुर्ग के साथ हुई घटना के बारे में बताया गया, तो उन्होंने मामले की जानकारी लेने की बात कही।पायनियर समाचार सेवा के संवाददाता ने जब उन्हें संदेश के माध्यम से सरकारी आदेश भेजने की बात कही, तो जीएम ने बैठक में होने की जानकारी देते हुए संदेश भेजने को कहा और आश्वासन दिया कि वह इसे देख लेंगे। हालांकि, शाम तक उनकी ओर से इस मामले में कोई जवाब नहीं आया।
सवाल:
सरकारी पत्र में एक अप्रैल 2023 से रियायत लागू करने का स्पष्ट उल्लेख है। ऐसे में फरीदाबाद रोडवेज प्रबंधन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि 60 से 65 वर्ष आयु वर्ग के पात्र पुरुष वरिष्ठ नागरिकों के बस पास जारी किए जा रहे हैं या नहीं। यदि सुविधा लागू है, तो परिचालकों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है? और यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया अधूरी है, तो उसे पूरा करने की जिम्मेदारी किसकी है?बुजुर्गों को राहत देने के लिए जारी आदेश का लाभ तभी सार्थक होगा, जब पात्र यात्रियों को नियमों की जानकारी मिले, उनके बस पास समय पर बनें और यात्रा के दौरान निर्धारित रियायत वास्तव में उपलब्ध कराई जाए। अब देखना है कि फरीदाबाद रोडवेज प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।



