सूचना नहीं देने पर हरियाणा सूचना आयोग सख्त

- फरीदाबाद नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को व्यक्तिगत पेशी के निर्देश
- आरटीआई मामले में जवाब दाखिल करने के बावजूद मांगी गई जानकारी नहीं मिलने पर आयोग ने जताई नाराजगी, 22 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
पायनियर समाचार सेवा। फरीदाबादसूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के मामले में हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने फरीदाबाद नगर निगम के अधिकारियों पर सख्ती दिखाई है। आयोग ने नगर निगम के जन सूचना अधिकारी एवं संयुक्त आयुक्त (टी) को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और अद्यतन लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
आयोग के 6 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार, यह मामला शिकायत संख्या 266/2025 और कारण बताओ नोटिस संख्या 736/2026 से संबंधित है। शिकायतकर्ता दीपक त्रिपाठी ने आयोग को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बताया कि 24 जुलाई 2026 के निर्देशों और कारण बताओ नोटिस जारी होने के बावजूद उन्हें अब तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सुनवाई के दौरान नगर निगम के जन सूचना अधिकारी एवं कार्यकारी अभियंता एस. सतपाल ने कहा कि मांगी गई जानकारी उनके कार्यालय से संबंधित नहीं है। उन्होंने 11 सितंबर 2026 को अपना लिखित जवाब दाखिल करने और संबंधित सूचना संयुक्त आयुक्त (टी) से जुड़ी होने की बात कही। आयोग ने मामले के तथ्यों को देखते हुए अगली सुनवाई 22 दिसंबर 2026 को सुबह 11 बजे निर्धारित की है। संयुक्त आयुक्त (टी) को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अद्यतन लिखित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता को भी निर्धारित तिथि पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने को कहा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20 के तहत दंडात्मक कार्यवाही सहित उचित कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, कार्यकारी अभियंता एस. सतपाल को इस मामले की आगामी सुनवाई में उपस्थित होने से छूट दी गई है।



