रुपया शुरुआती नुकसान से उबरा, 96.35 प्रति डॉलर पर स्थिर रुख के साथ हुआ बंद

मुंबई। रुपया मंगलवार को दिन में कारोबार के दौरान हुए नुकसान से उबरते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.35 के स्तर पर अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से रुपये को लगातार विदेशी पूंजी की निकासी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के दबाव से उबरने में मदद मिली। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुख ने भी भारतीय मुद्रा को समर्थन दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.29 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 96.29 से 96.45 के बीच रहा। कारोबार के अंत में रुपया 96.35 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के बराबर है।
रुपया सोमवार को 10 पैसे टूटकर 96.35 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा रुपये में कमजोर रुख रहा, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और अमेरिकी डॉलर तथा बॉण्ड प्रतिफल में नरमी के कारण यह दिन के निचले स्तर से उबर गया। चौधरी के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 96.15 से 96.60 के दायरे में रहने के आसार हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हुई।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच घरेलू मुद्रास्फीति के लिए जोखिम पैदा होने के कारण अन्य केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख के अनुरूप एमपीसी भी बुधवार को रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है। रिजर्व बैंक ने आखिरी बार फरवरी, 2023 में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 6.50 प्रतिशत किया था। इसके बाद उसने 2023-24 के दौरान दर को स्थिर रखा और 2025 में ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू किया। फिलहाल आरबीआई की नीतिगत दर रेपो 5.25 प्रतिशत है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत गिरावट के साथ 102.03 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.68 प्रतिशत गिरकर 98.63 डॉलर प्रति बैरल पर था। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 685.34 अंक चढ़कर 73,067.81 अंक पर और निफ्टी 220.35 अंक की बढ़त के साथ 22,776.10 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को शुद्ध रूप से 2,961.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।



