राजस्व कानूनों के संशोधन के विरोध में उतरे अधिवक्ता
धरना प्रदर्शन कर सीएम को भेजा ज्ञापन

श्रावस्ती। प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व कानूनों में संशोधन कर पायलट प्रोजेक्ट के तहत चार जिलों में नई व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में मंगलवार को श्रावस्ती में अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। माडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर संशोधित कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई। बार एसोसिएशन के महामंत्री सतीश कुमार मौर्य ने बताया कि श्रावस्ती, बलरामपुर, बांदा और हरदोई में लागू की जा रही नई व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं ने सिविल कोर्ट के गेट पर धरना दिया। इसके बाद जुलूस निकालते हुए नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग को सौंपा गया।
धरने की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष सुरेश चंद्र तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर तक रजिस्ट्री कार्यालय और सभी राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व अध्यक्ष जनार्दन प्रसाद श्रीवास्तव, ओमप्रकाश शुक्ल, दिनेश कुमार पाठक, अशोक कुमार सिंह, राम पारस भार्गव, विनोद कुमार श्रीवास्तव और रामचंद्र वर्मा समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने सरकार से संशोधित राजस्व कानूनों को वापस लेने की मांग की।



