स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
जिला निर्वाचन अधिकारी ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजाहैरी ब्रूक का रिकॉर्ड दोहरा शतक बेकार, श्रीलंका ने हासिल किया रिकॉर्ड 430 रन का लक्ष्यदक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और 31 रन से हराया, सीरीज 1-1 से बराबरसैमसन और नमन के तूफान में उड़ा न्यूजीलैंड, भारत ने जीता पहला टी20सिंधू और अश्मिता फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल मेंकार्यकर्ता होते हैं संगठन की ताकत: प्रभात वर्मारायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री की मुलाकात से सियासी हलचलउतरेथू के ऐतिहासिक टीले का रहस्य 25 साल बाद भी बरकरार, उत्खनन की मांग तेजअस्वीकृत हुआ धान तो किसान 48 घंटे के भीतर कर सकेंगे अपीलसिंघल पट्टी बाजार में एक ही रात तीन दुकानों में चोरी, 47 हजार नकदी समेतजिला निर्वाचन अधिकारी ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजाहैरी ब्रूक का रिकॉर्ड दोहरा शतक बेकार, श्रीलंका ने हासिल किया रिकॉर्ड 430 रन का लक्ष्यदक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और 31 रन से हराया, सीरीज 1-1 से बराबरसैमसन और नमन के तूफान में उड़ा न्यूजीलैंड, भारत ने जीता पहला टी20सिंधू और अश्मिता फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल मेंकार्यकर्ता होते हैं संगठन की ताकत: प्रभात वर्मारायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री की मुलाकात से सियासी हलचलउतरेथू के ऐतिहासिक टीले का रहस्य 25 साल बाद भी बरकरार, उत्खनन की मांग तेजअस्वीकृत हुआ धान तो किसान 48 घंटे के भीतर कर सकेंगे अपीलसिंघल पट्टी बाजार में एक ही रात तीन दुकानों में चोरी, 47 हजार नकदी समेत

पांच हजार पशु पकड़े, फिर भी सड़कें खाली नहीं

पांच हजार पशु पकड़े, फिर भी सड़कें खाली नहीं

निगम के दावे और सड़क की हकीकत में अंतर, तीनों गोशालाएं क्षमता से अधिक भरीं; अब नूंह भेजने की तैयारी


कविता। फरीदाबाद
जिले में बेसहारा गोवंश को लेकर नगर निगम की कार्रवाई के दावे और सड़कों की हकीकत में बड़ा अंतर नजर आ रहा है। निगम के अनुसार वर्ष 2024 से 2026 के बीच करीब 5 हजार बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों और रिहायशी इलाकों में पशुओं का जमावड़ा कम नहीं हुआ। खुद निगम के आंकड़े बताते हैं कि पशुओं के कारण हादसों में पिछले दो वर्षों में 6 लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए हैं। ऐसे में अब निगम ने शहर से पशुओं को हटाकर दूसरे जिलों की गोशालाओं में भेजने की तैयारी शुरू की है।

दावा 5 हजार पशु पकड़ने का

निगम के अनुसार सबसे ज्यादा 2044 पशु श्री गोपाल गोशाला, 1739 गो रक्षा सदन मवई और 578 गो मानव सेवा ट्रस्ट में भेजे गए। इसके अलावा देवाश्रय पशु चिकित्सालय में 52, छांयसा गोशाला में 43 और नवादा गोशाला में 319 पशु पहुंचाए गए। यानी हजारों पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई के बावजूद समस्या खत्म नहीं हुई। निगम के सामने अब यह सवाल भी है कि पकड़े गए पशुओं के बाद सड़कों पर लगातार नए पशु कहां से आ रहे हैं।

गोशालाएं भरीं तो अब दूसरे जिलों का सहारा

नगर निगम की निगरानी वाली तीनों गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशु होने की बात सामने आई है। इसी वजह से अब पशुओं को पड़ोसी जिलों की गोशालाओं में भेजने का विकल्प अपनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत नूंह की गोशाला से किए जाने की योजना है। हालांकि, पशुओं को बाहर भेजने के साथ उन्हें दोबारा शहर की सड़कों पर छोड़ने वालों पर कार्रवाई कितनी प्रभावी होगी, यह व्यवस्था की बड़ी चुनौती बनी हुई है।

हादसों के आंकड़े भी व्यवस्था पर सवाल

सड़कों पर घूमते पशु वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। रात के समय सड़क पर बैठे पशु दिखाई नहीं देने से हादसे की आशंका बढ़ जाती है। करीब दो सप्ताह पहले अंधेरे में सड़क पर बैठी गाय से बाइक टकराने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद बेसहारा पशुओं को हटाने की निगम व्यवस्था पर सवाल उठे थे।

अब रोजाना होगी निगरानी

निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह ने पांचों जोन के संयुक्त आयुक्तों को प्रतिदिन निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। स्वास्थ्य शाखा से रोजाना रिपोर्ट ली जाएगी कि कितने पशु पकड़े गए और कितनों को गोशाला पहुंचाया गया। साथ ही सड़क पर पशु छोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ जुर्माना लगाने की जानकारी भी जुटाई जाएगी। आयुक्त यशेंद्र सिंह का कहना है कि बेसहारा पशुओं को सड़कों से हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और आने वाले दिनों में सड़कों पर पशुओं की संख्या धीरे-धीरे कम दिखाई देगी। अब देखना यह है कि पांच हजार पशु पकड़ने के दावे के बाद नई निगरानी व्यवस्था से सड़कों की तस्वीर वास्तव में कितनी बदलती है।
साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें