मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति

मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, आज मां चंद्रघंटा की आराधना से पांच विकारों पर विजय का संदेश
पायनियर समाचार सेवा। फरीदाबाद
शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को शहर के मंदिरों में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पुजारियों के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से ज्ञान, वैराग्य और तप की शक्ति प्राप्त होती है। देवी के दाएं हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल सुशोभित है।
मंदिर में हवन-यज्ञ
महारानी वैष्णो देवी मंदिर में प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रात:कालीन आरती और हवन-यज्ञ का आयोजन करवाया। उन्होंने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी की सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक बल मिलता है। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर में प्रतिदिन हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया जाता है। वहीं तिकोना पार्क स्थित सिद्धपीठ काली मंदिर और एनएच-पांच स्थित बांके बिहारी मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
आज करें मां चंद्रघंटा की पूजा
नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। पंडित गोपाल ने बताया कि मां चंद्रघंटा की पूजा से काम, क्रोध, मोह, लोभ और अहंकार जैसे पांच विकारों पर विजय पाने की प्रेरणा मिलती है। देवी के मस्तक पर अर्धचंद्र और हाथ में घंटा सुशोभित है। पंडित गोपाल के अनुसार, मां को गन्ने की गंडेरी और मक्खन का भोग लगाया जाता है। श्रद्धापूर्वक पूजा करने से साहस और आत्मबल प्राप्त होता है।