जेवर एयरपोर्ट को मिलेगा पीएम मोदी का नाम, योगी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी हरी झंडी

लखनऊ, 9 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे, उद्योग और विमानन क्षेत्र के विस्तार के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेवर एयरपोर्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहचान देने का फैसला किया है। शुक्रवार को कैबिनेट ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर’ रखने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी साझा की। इस अवसर पर दोनों उपमुख्यमंत्री और राजग के सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ा है। मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष के सेवाकाल को लेकर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया। सात अक्टूबर को इस सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे हुए थे।
एक्सप्रेसवे, मेट्रो और नमो भारत से मजबूत हुआ नेटवर्क
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की पहचान असुरक्षा, प्रशासनिक शिथिलता और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़ी थी। अब कानून-व्यवस्था, निवेश और आधारभूत ढांचे के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पूरे हुए। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन के संचालन और प्रदेश के कई शहरों में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को भी उन्होंने प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया।
वाराणसी में मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल, दादरी में मालवाहक रेल गलियारों का जंक्शन, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट और रक्षा औद्योगिक गलियारे जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहल प्रदेश को औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने में सहायक हैं।
रोजगार, प्रशिक्षण और किसानों को आर्थिक सहायता
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं और निजी क्षेत्र में 65 लाख नियुक्तियां हुईं। 31.11 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए।
कृषि क्षेत्र की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत तीन करोड़ से अधिक किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिल चुकी है। 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 13.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक का फसली ऋण वितरित किए जाने और गन्ना किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक भुगतान का भी उल्लेख किया गया।
आवास, राशन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास मिला है और करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 2.46 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए गए, जबकि उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में छह करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी होने और 1.09 करोड़ गंभीर रोगियों को 18,798 करोड़ रुपये का मुफ्त इलाज मिलने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि आरोग्य मेलों के माध्यम से 14.67 करोड़ लोगों का उपचार किया गया।
सांस्कृतिक विरासत को मिली नई पहचान
सीएम योगी ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम के विस्तार और महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख किया। उन्होंने काशी तमिल संगमम, बौद्ध सर्किट, संत रविदास जन्मस्थली और राष्ट्र प्रेरणा स्थल को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया।
महिला सशक्तीकरण पर उन्होंने कहा कि 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 15 लाख रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सहायता मिली और स्वामित्व योजना के तहत 1.10 करोड़ ग्रामीण परिवारों को घरौनी दी गई।
पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक तथा मंत्री आशीष पटेल, ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनिल कुमार उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तर प्रदेश के साथ विकसित भारत-2047 के संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।



