इंगोहटा में आधा दर्जन से अधिक लोगों को बंदरों ने बनाया निशाना, वन विभाग का पिंजरा साबित हुआ बेअसर एक का कानपुर में चल रहा उपचार

पायनियर संवाददाता । सुमेरपुर (हमीरपुर)
ग्राम इंगोहटा में इन दिनों बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गांव में सैकड़ों की संख्या में मौजूद बंदरों के झुंड ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। हालत यह है कि छतों से लेकर गलियों तक बंदरों का कब्जा है और लोग अपने ही घरों में भय के साये में जीने को मजबूर हैं
।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बंदरों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब तक बंदर गांव के लगभग दो दर्जन लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं। हाल ही में बंदरों ने अनुराग सिंह को दो बार काट चुका है और कानपुर में उपचार चल रहा हैए भोला कुशवाहा को भी बंदर ने अपना शिकार बनाया है कुछ दिनों पूर्व लालमन सोनकर फुर्तीलाल सोनकर और गंगाराम सोनकर पर भी जानलेवा हमला हो चुका है। गंगाराम सोनकर को तो सोते समय हाथ में दो.दो बार बंदरों ने काटा है। महीनों पूर्व गांव में लगातार बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग ने रीछा तालाब के पास बंदरों को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगाया था। लेकिन वन विभाग की यह कवायद पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। पिंजरा लगने के बावजूद एक भी बंदर पकड़ में नहीं आ सका हैए जिससे विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा गांव इस समय बंदरों के खौफ से परेशान है। बच्चोंए बुजुर्गों और महिलाओं का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग और उच्चाधिकारियों से गुहार लगाते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द विशेषज्ञ टीम बुलाकर बंदरों को पकड़वाने का व्यापक अभियान चलाया जाएए ताकि गांव वालों को इस आतंक से राहत मिल सके।



