एनआईटी में सातवें दिन मिल रहा पानी, दिशा बैठक में अफसरों पर बरसे केंद्रीय मंत्री

- विधायक सतीश फागना ने उठाया पेयजल संकट का मुद्दा, यमुना से एनआईटी तक पानी की लाइन का काम तेज करने के निर्देश
- जून 2027 तक मंझावली से एनआईटी-बड़खल तक सीधे पानी पहुंचाने की योजना
कविता। फरीदाबाद
एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट का मुद्दा मंगलवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में हुई दिशा की बैठक में प्रमुखता से उठा। एनआईटी विधायक सतीश फागना ने अधिकारियों के सामने क्षेत्र में सातवें दिन पानी मिलने का मुद्दा उठाते हुए पानी की अधूरी लाइनों और बूस्टरों का निर्माण नहीं होने पर सवाल खड़े किए। विधायक की शिकायत पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया और यमुना से एनआईटी तक आ रही पानी की लाइन का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
विधायक सतीश फागना ने आरोप लगाया कि एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार कई इलाकों में लोगों को पानी के लिए सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या के बावजूद नए बूस्टर नहीं बनाए जा रहे हैं और पानी की अधूरी लाइन का काम भी पूरा नहीं हुआ है। मामला उठने के बाद केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों की ओर से बताया गया कि जून 2027 तक मंझावली से एनआईटी और बड़खल तक सीधे पानी पहुंचाने की योजना है। इसके लिए करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। योजना के पूरा होने के बाद मंझावली से एनआईटी और बड़खल तक सीधे पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्र की योजनाओं की भी हुई समीक्षा
दिशा की बैठक की अध्यक्षता कृष्ण पाल गुर्जर ने की। बैठक में केंद्र सरकार और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की विभागवार प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से स्वीकृत बजट, खर्च, लाभार्थियों और लंबित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई। बैठक में सड़क, पेयजल, सीवर, जल निकासी, स्वच्छता, बिजली और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। लंबे समय से लंबित परियोजनाओं में देरी के कारणों पर भी अधिकारियों से जवाब मांगा गया।------



