डाटकाली–आशारोड़ी–मोहब्बेवाला मार्ग पर 24 घंटे चेकिंग शुरू, 350 से अधिक वाहनों की जांच

मोहब्बेवाला में दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए प्रस्तावित नई गति सीमा में भारी वाहनों के लिए 30 किमी प्रति घंटा की सीमा
देहरादून। डाटकाली से आशारोड़ी, मोहब्बेवाला, चंद्रबनी चौक होते हुए आईएसबीटी तक मार्ग पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए परिवहन विभाग ने विशेष चेकिंग और चालक जागरूकता अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 सितंबर से 12 अक्टूबर तक मार्ग पर तीन पारियों में 24 घंटे निगरानी की जाएगी। अभियान में परिवहन विभाग के साथ पुलिस, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और जिला प्रशासन की टीमें भी शामिल हैं।
परिवहन विभाग की टीमों में एआरटीओ प्रवर्तन देहरादून रत्नाकर सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन विकासनगर अनिल नेगी समेत अनुराधा पंत, प्रज्ञा पंत और परिवहन कर अधिकारी देहरादून एमडी पापनेई की ड्यूटी लगाई गई है। चेकिंग की पहली पारी सुबह छह से दोपहर दो बजे, दूसरी दोपहर दो से रात 10 बजे और तीसरी रात 10 से सुबह छह बजे तक होगी।
- पहले दिन 350 से अधिक मालवाहक वाहनों की जांच
चालकों से ढलान पर वाहन नियंत्रण, ब्रेक के इस्तेमाल, उचित गियर चयन, यात्रा से पहले पर्याप्त विश्राम और मार्ग की कठिनाइयों के संबंध में जानकारी ली गई। साथ ही उन्हें सड़क सुरक्षा संबंधी पैम्फ्लेट वितरित कर सुरक्षित वाहन संचालन के लिए जागरूक किया गया।
डाटकाली से मोहब्बेवाला तक करीब साढ़े सात किलोमीटर का मार्ग दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। वर्तमान में केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार इस मार्ग पर हल्के मोटर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 70 किमी प्रति घंटा, मध्यम एवं भारी मोटर वाहनों तथा मालवाहक वाहनों के लिए 60 किमी प्रति घंटा, तिपहिया वाहनों के लिए 50 किमी प्रति घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 60 किमी प्रति घंटा निर्धारित है।
मार्ग की परिस्थितियों और दुर्घटनाओं को देखते हुए आशारोड़ी से मोहब्बेवाला क्षेत्र तक गति सीमा कम करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार भारी वाहनों के लिए 30 किमी प्रति घंटा, हल्के वाहनों के लिए 40 किमी प्रति घंटा, दोपहिया वाहनों के लिए 40 किमी प्रति घंटा और तिपहिया वाहनों के लिए 25 किमी प्रति घंटा गति सीमा निर्धारित करने का सुझाव है।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि प्रस्ताव आगामी जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में रखा जाएगा। समिति के स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से परिवहन आयुक्त कार्यालय, उत्तराखंड को भेजा जाएगा। सक्षम स्तर से स्वीकृति और आदेश जारी होने के बाद ही नई गति सीमा लागू होगी।
संवेदनशील क्षेत्र में कैमरों के माध्यम से ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों की निगरानी और चालान किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
"प्रस्ताव आगामी जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में रखा जाएगा। समिति के स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से परिवहन आयुक्त कार्यालय, उत्तराखंड को भेजा जाएगा। सक्षम स्तर से स्वीकृति और आदेश जारी होने के बाद ही नई गति सीमा लागू होगी।"
डॉ. अनीता चमोला
संभागीय परिवहन अधिकारी
देहरादून



