छह-सात साल से खुला था बोरवेल, मासूम की मौत पर उठे सवाल

- सीही में तीन-चार वर्षीय बच्ची की जान जाने पर पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने नगर निगम पर लगाया लापरवाही का आरोप
- जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमे की मांग
पायनियर समाचार सेवा। फरीदाबाद
एनआईटी फरीदाबाद के गांव सीही में नगर निगम के खुले बोरवेल में गिरने से तीन-चार वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 27 सितंबर की रात हुई इस घटना के बाद पूर्व विधायक ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर बच्ची के पिता रामदीन से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। नीरज शर्मा ने आरोप लगाया कि जिस बोरवेल में गिरने से बच्ची की जान गई, वह पिछले छह-सात वर्षों से बिना सुरक्षा ढक्कन के खुला पड़ा था। उनके अनुसार, इतने लंबे समय तक खुले पड़े बोरवेल को बंद या सुरक्षित नहीं किया गया, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ। पूर्व विधायक ने इसे सामान्य हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सीवर, पेयजल और बोरवेल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और एजेंसियों की होती है। ऐसे में खुले बोरवेल की समय रहते पहचान कर उसे सुरक्षित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी थी।
नीरज शर्मा ने शासन और प्रशासन से मांग की कि बोरवेल खुला रहने की अवधि के दौरान क्षेत्र में तैनात रहे संबंधित कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता, कार्यकारी अभियंता और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने इन अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह तय किया जाना चाहिए कि इतने वर्षों तक खुले पड़े बोरवेल को सुरक्षित क्यों नहीं किया गया। बच्ची की मौत के बाद जिम्मेदारी तय करने के साथ शहर में खुले बोरवेल की पहचान कर उन्हें तत्काल सुरक्षित करने की भी जरूरत है।



