- भाटिया चौक में रात 9 बजे गई बिजली सुबह 4 बजे आई, जवाहर कॉलोनी में छह घंटे तक कटौती
- शिकायत करने पर मिला इन्वर्टर लगवा लो का जवाब
कविता। फरीदाबाद
35 से 36 डिग्री तापमान और उमस के बीच फरीदाबाद में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल होने से लोग गर्मी में बेहाल हैं। भाटिया चौक बल्लभगढ़ में मंगलवार रात करीब 9 बजे गई बिजली सुबह 4 बजे आई। करीब सात घंटे तक बिजली गुल रहने के दौरान लोग बार-बार बिजली निगम के अधिकारियों को फोन करते रहे, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया कि बिजली कब तक आएगी। परेशान उपभोक्ताओं को कथित तौर पर इन्वर्टर लगवा लो तक का जवाब सुनना पड़ा।
भाटिया चौक के लोगों का कहना है कि रात के समय बिजली गुल होने से घरों में पंखे बंद हो गए और उमस के कारण बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी हुई। पूरी रात बिजली आने का इंतजार करते रहे लोगों का कहना है कि यदि कटौती पहले से निर्धारित थी तो इसकी सूचना उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए थी।
पांच घंटे तक बिजली गुल
इसी तरह जवाहर कॉलोनी के निवासी भी मंगलवार को बिजली कटौती से परेशान रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब 11 बजे बिजली चली गई और शाम करीब 4 बजे तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई। इस दौरान लोग बिजली निगम के शिकायत नंबर पर लगातार संपर्क करने का प्रयास करते रहे, लेकिन फोन व्यस्त मिलता रहा। लोगों का आरोप है कि कई बार प्रयास करने के बावजूद उनकी शिकायत दर्ज नहीं हो सकी और यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि बिजली कब तक आएगी।
कामकाज भी प्रभावित
लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में बिजली की अघोषित कटौती का सिलसिला चल रहा है। कहीं कई घंटे तो कहीं रातभर बिजली गुल रहने से घरों में पानी की मोटर नहीं चल पा रही है। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। बिजली पर निर्भर उपकरण बंद होने से कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। 35-36 डिग्री तापमान में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को गर्मी, उमस, बेचैनी और कमजोरी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली निगम को कटौती की स्थिति में पहले सूचना देनी चाहिए और शिकायत करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति बहाल होने का संभावित समय बताया जाना चाहिए। लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों से अघोषित कटौती पर रोक लगाने तथा शिकायत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि जब बिजली कटौती के बारे में विभाग के पास जानकारी होती है तो उपभोक्ताओं को इसकी सूचना क्यों नहीं दी जाती।