- अडानी गैस बिल के नाम पर एपीके फाइल भेजकर बुजुर्ग से 5.12 लाख उड़ाए
- अंतरराज्यीय गिरोह के अब तक सात आरोपित गिरफ्तार
कविता। फरीदाबाद
अडानी गैस का बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने का डर दिखाकर एपीके फाइल भेजकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का कथित सरगना महज 24 वर्ष का दीपक कुमार मंडल निवासी गिरिडीह, झारखंड है। पुलिस के अनुसार, आरोपित वर्ष 2016 से साइबर ठगी के धंधे में सक्रिय हैं और अब तक करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। गिरफ्तार आरोपितों में कोई 10वीं तो कोई 12वीं पास है, जबकि एक आरोपित बीएससी तक पढ़ा है।
गिरोह का खुलासा सेक्टर-37 निवासी एक बुजुर्ग से 5 लाख 12 हजार 344 रुपये की ठगी के बाद हुआ। पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर को बुजुर्ग के व्हॉट्सऐप पर संदेश आया कि अडानी गैस कनेक्शन का बिल जमा नहीं किया तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। संदेश में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उन्हें अडानी गैस बिल अपडेट डॉट एपीके नाम की फाइल डाउनलोड करवा दी गई। फाइल डाउनलोड होते ही आरोपितों ने मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर लिया और तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए खाते से 5,12,344 रुपये निकाल लिए।
टेलीग्राम से खरीदते थे डाटा और एपीके फाइल
साइबर थाना सेंट्रल प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि दीपक कुमार मंडल गिरोह का सरगना है। वह टेलीग्राम के माध्यम से आरटीओ और अडानी गैस उपभोक्ताओं से संबंधित डाटा तथा एपीके फाइलें खरीदता था। इसके बाद दीपक और अनिल कुमार मंडल लोगों को फोन कर बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने का डर दिखाते थे। झांसे में लेकर एपीके फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। फाइल डाउनलोड होते ही आरोपित मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर लेते थे। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम का इस्तेमाल क्रेडिट कार्ड के लंबित बिल भरने में किया जाता था। अश्विन भाई के माध्यम से दीपक को तीन क्रेडिट कार्ड मिले थे। मनीष, दीप वि_लभाई और पीठाभाई क्रेडिट कार्ड धारक थे, जबकि खूंट धावल क्रेडिट कार्ड से नकदी निकालकर रकम दीपक तक पहुंचाता था।
20 हजार अडानी गैस उपभोक्ताओं का डाटा बरामद
जांच में आरोपितों के कब्जे से करीब 20 हजार अडानी गैस उपभोक्ताओं और एक हजार यूको बैंक उपभोक्ताओं का डाटा मिला है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने 116 लोगों को एपीके फाइल भेजी थी। आरोपितों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के तार झारखंड के गिरिडीह और देवघर के साथ गुजरात और दिल्ली तक जुड़े हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने किन-किन लोगों को निशाना बनाया और उनके पास उपभोक्ताओं तथा बैंक खाताधारकों का डाटा कहां से पहुंचा।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी बिल या कनेक्शन के नाम पर व्हॉट्सऐप अथवा मोबाइल पर आए अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। संदिग्ध संदेश या कॉल आने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा साइबर अपराध की सरकारी वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।