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लखनऊ में एक महीने में 10 हत्याएं, कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

लखनऊ में एक महीने में 10 हत्याएं, कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
इरफान अब्बासी। गोसाईगंज लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मई 2026 और जून की शुरुआत अपराध के लिहाज से बेहद खौफनाक साबित हुई है। एक महीने के भीतर 10 से ज्यादा हत्याओं ने शहर को दहला दिया है और कमिश्नरेट पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े हुई वारदातों ने आम जनता में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
मई में ताबड़तोड़ हत्याओं से सहमा शहर
मई माह में व्यक्तिगत रंजिश पुरानी दुश्मनी संपत्ति विवाद और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी कई हत्याएं हुईं। कुछ घटनाएं तो हफ्तों तक शहर में चर्चा का विषय बनी रहीं। ज्यादातर मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा लेकिन वीआईपी इलाकों में दिनदहाड़े हुई वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
दिनदहाड़े हुई वारदातों ने दी पुलिस को चुनौती
युवाओं और नामचीन व्यापारियों से जुड़ी हत्याओं ने पूरे समाज का ध्यान खींचा। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े वारदात कर पुलिस को खुली चुनौती दी। पीजीआई में चर्चित संदीप सिंह हत्याकांड हो या विभूतिखंड में सिगरेट विवाद में भाजपा युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह की हत्या पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों पर सवाल उठे।
कमिश्नरेट पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अधिकांश मामलों का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा गया है। लेकिन नागरिकों का सवाल है कि अपराध होने के बाद कार्रवाई से ज्यादा जरूरी उसकी रोकथाम है जिसमें पुलिस तंत्र कमजोर दिख रहा है। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वीर बहादुर सिंह का कहना है कि केवल कार्रवाई काफी नहीं पुलिस को अपराध और अवैध असलहों की जड़ तक पहुंचना होगा।
जून में भी नहीं थमा हत्याओं का सिलसिला
2 जून को इटौंजा में सचिन सिंह की हत्या का मामला सामने आया। आरोप है कि सगे मामा ने ही बहला-फुसलाकर शराब पिलाई और प्लास्टिक की पट्टी से गला घोंटकर हत्या कर दी। शव केले के खेत में फेंक दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मई में हुईं प्रमुख हत्याएं
5 मई को सुशांत गोल्फ सिटी में पैसे के लेनदेन में सचिन यादव की हत्या।
13 मई को बाजारखाला में 20 रुपये के विवाद में विजय गौतम की पीट-पीटकर हत्या।
15 मई को SGPGI के संविदा कर्मचारी की ईंट से कूचकर हत्या।
16 मई को गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर सूटकेस में 15 वर्षीय किशोरी का शव बरामद।
18 मई को मड़ियांव में ढाबा संचालक विजय यादव की गोली मारकर हत्या।
19 मई को सुशांत गोल्फ सिटी में 22 वर्षीय शिवानी सिंह की प्रेमी ने जंगल में हत्या की।
26 मई को विभूतिखंड में भाजपा युवा मोर्चा के शिवम सिंह की सिगरेट विवाद में पीट-पीटकर हत्या।
28 मई को पीजीआई में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या।
29 मई को सरोजनी नगर में दहेज के लिए महिला की हत्या।
31 मई को सहादतगंज में 24 वर्षीय नवविवाहिता की दहेज के लिए हत्या।
पुलिस अफसरों पर गिरी गाज 
शिवम सिंह हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर ने एसीपी विभूतिखंड इंस्पेक्टर विभूतिखंड और इंस्पेक्टर गोमती नगर एक्सटेंशन को हटा दिया।घटना के दौरान न PRV वैन दिखी न नाइट गश्त।
एक्सपर्ट की राय रोकथाम जरूरी
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता वर्षा सिंह के मुताबिक बढ़ती आबादी बाहरी गिरोहों की सक्रियता और छोटे विवादों का हिंसक रूप लेने से घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं क्रिमिनल एक्सपर्ट्स का कहना है कि संगठित अपराध की रोकथाम की जिम्मेदारी सीधे तौर पर पुलिस की है।
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