वन्य जीव सप्ताह पर गंगोत्री नेशनल पार्क और ट्रेकिंग एसोसिएशन की संयुक्त पहल

- उच्च हिमालयी क्षेत्रों में वन्य जीव संरक्षण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
- गाइडों, पोर्टरों और पर्यटकों से वन्य जीवों को नुकसान न पहुंचाने की अपील
पायनियर समाचार सेवा। उत्तरकाशी। वन्य जीव सप्ताह के अवसर पर गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में वन्य जीव संरक्षण को लेकर ट्रेकिंग गतिविधियों से जुड़े लोगों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में हिमालयी वन्य जीवों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा तथा ट्रेकिंग के दौरान पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा की गई। गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक मयंक कुमार गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ट्रेकिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, गाइडों, पोर्टरों और वन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कहा गया कि गंगोत्री नेशनल पार्क का उच्च हिमालयी क्षेत्र हिम तेंदुआ, कस्तूरी मृग, भरल, हिमालयी मोनाल सहित अनेक दुर्लभ वन्य जीवों का महत्वपूर्ण आवास है। बढ़ती ट्रेकिंग गतिविधियों के बीच इन जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उप निदेशक मयंक कुमार गर्ग ने ट्रेकिंग दलों के साथ जाने वाले गाइडों और पोर्टरों से अपील की कि वे पर्यटकों को वन्य जीवों और उनके प्राकृतिक आवास के प्रति जागरूक करें तथा किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि से बचें जिससे वन्य जीवों को नुकसान पहुंचे या उनका प्राकृतिक व्यवहार प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के बिना पर्वतीय पर्यटन का सतत विकास संभव नहीं है। बैठक में रेंजर प्रदीप बिष्ट ने भी वन्य जीव संरक्षण संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए। गढ़वाल ट्रैकिंग एसोसिएशन के सचिव मनोज रावत सहित अन्य पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ट्रेकिंग गतिविधियों के दौरान पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीव सुरक्षा संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। बैठक में बलदेव, उमेद, दिनेश, वन सरपंच अगोड़ा देवेंद्र रावत तथा गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारी भी उपस्थित रहे। वन्य जीव सप्ताह के तहत आयोजित इस बैठक को हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे ट्रेकिंग गतिविधियों और वन्य जीव संरक्षण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।



