लखनऊ: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) का आयोजन आज से शुरू हो रहा है। परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जबकि एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अन्य राज्यों से भी पंजीकरण कराया है।
परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रदेश सरकार और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। हाल ही में महाराष्ट्र में टीईटी परीक्षा पेपर लीक की घटना के बाद उत्तर प्रदेश में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या पेपर लीक की आशंका को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के सभी 955 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम और अन्य आधुनिक निगरानी व्यवस्थाओं का भी उपयोग किया जाएगा। संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग एप्स और ऑनलाइन माध्यमों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह, फर्जी प्रश्नपत्र या पेपर लीक की कोशिश को समय रहते रोका जा सके।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान की पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड और फोटो पहचान पत्र की जांच की जाएगी। कई केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन की भी व्यवस्था की गई है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचने की अपील की है ताकि सुरक्षा जांच और प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार का कहना है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी जिलों के प्रशासन, पुलिस, STF और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
करीब 20 लाख अभ्यर्थियों की भागीदारी वाली यह परीक्षा प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जा रही है। ऐसे में प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।










