- ‘खिलाड़ियों के हित और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता, हॉकी के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर करेंगे काम’ : डॉ. आरपी सिंह
पायनियर समाचार सेवा। लखनऊ
उत्तर प्रदेश हॉकी की वार्षिक सामान्य सभा (एजीएम) में राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम-2025 और राष्ट्रीय खेल शासन नियम-2026 को औपचारिक रूप से अपनाने का फैसला लिया गया। साथ ही प्रदेश में पुरुष और महिला वर्ग की उत्तर प्रदेश हॉकी लीग शुरू करने, एक व्यक्ति-एक संघ के सिद्धांत को लागू करने और जिला हॉकी संघों को आर्थिक सहायता देने समेत कई अहम निर्णय लिए गए।
केडी सिंह बाबू स्टेडियम में हुई एजीएम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश हॉकी के अध्यक्ष एवं खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव अन्देश्वर पाण्डेय और दो बार के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ललित उपाध्याय विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बैठक में राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम-2025 और राष्ट्रीय खेल शासन नियम-2026 को अपनाने के साथ सभी संबद्ध जिला हॉकी संघों को भी नए खेल कानून के अनुरूप अपने नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए गए। प्रदेश में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए पुरुष एवं महिला वर्ग की उत्तर प्रदेश हॉकी लीग शुरू करने पर सहमति बनी। इसके अलावा आॅल इंडिया स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली टीमों और खिलाड़ियों के लिए राज्य सचिव की ओर से जारी एनओसी अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
सभा में वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला हॉकी संघ को सम्मानित करने और अगली एजीएम में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया।
खेल प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए एक व्यक्ति-एक संघ के सिद्धांत को लागू करने पर सहमति बनी। साथ ही प्रत्येक संबद्ध जिला हॉकी संघ को हॉकी गतिविधियों के संचालन के लिए 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई। महासचिव रजनीश मिश्रा ने बैठक का संचालन किया। अंत में अध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश हॉकी खिलाड़ियों के हितों, खेल सुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में हॉकी के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी










