कहीं खानापूर्ति करने तो नहीं आई है शासन की जांच टीम

 

डीएसओ के पोर्टल से निरस्त हुए राशन कार्ड मामले की जांच करने आई टीम ने मीडिया से बनाई दूरी

खुद की ही जांच में जांच दल के साथ डायरी कलम लेकर बैठे नजर आए जिला पूर्ति अधिकारी

हेमन्त पाठक। गोण्डा

शासन के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी गोण्डा द्वारा निरस्त किए गए लगभग साढ़े सात हजार राशन कार्ड के मामले में की गई कथित अनियमितताओंकी जांच के लिए गोण्डा पहुंची जांच टीम के दर्जन भर सदस्यों ने मीडिया से जिस तरह की दूरी व गोपनीयता बरती उससे वे खुद ही संदेह के घेरे में आ गए।
वजीरगंज विकास खंड के ग्राम चंदापुर में जांच दल के सदस्यों के पहुंचने की जानकारी जब एक स्थानीय रिपोर्टर को हुई तो वह मौके पर पहुंच गया, जांच अधिकारी रिपोर्टर से कतराते रहे और राशन कार्ड धारक को लेकर अलग चले गए। शासन के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त खाद्य लखनऊ मंडल पार्थ अच्युत तथा उपायुक्त खाद्य देवीपाटन मंडल नीरज कनौजिया के नेतृत्व में विभिन्न जनपदों के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों व पूर्ति निरीक्षकों की पांच टीमें बनाई गई थी। सभी को 1 जुलाई 2026 को सुबह 10:00 बजे उपायुक्त

खाद्य गोण्डा के कार्यालय पर एकत्रित होना था। किंतु टीम विलंब से जिले में पहुंची तथा जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह तथा क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एस.पी. त्रिपाठी के साथ उपायुक्त कार्यालय में 11:30 बजे तक मंत्रणा करती रही तथा आतिथ्य स्वीकार करते रहे। जबकि जिला पूर्ति अधिकारी गोण्डा को शासन से यह निर्देश दिया गया था कि वह अपने स्तर से जनपद के सभी पूर्ति निरीक्षकों को अपने-अपने विकास खंडों में उपस्थित रहकर जांच टीम को अपेक्षित सहयोग प्रदान करें।
यहां महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि शासन स्तर से जांच टीम को यह निर्देश दिया गया था कि वह रैंडम आधार पर चयनित कर निरस्त किए गए राशन कार्डों की जांच इस आधार पर करेंगे की निरस्तीकरण वैध एवं नियमानुसार किया गया था अथवा नहीं।
सूत्र बताते हैं की जांच दल के सदस्यों ने गोण्डा के डीएसओ तथा एआरओ से ही उन कार्ड धारकों की सूची मांग ली, जिनसे पूछताछ करनी थी। डीएसओ गोण्डा अधिकारियों के सामने बैठकर खुद डायरी कलम लेकर नोट कर रहे थे। यह वही कार्ड धारक थे, जिनका नाम निरस्त किए गए 7340 कार्ड धारकों में शामिल था। किंतु उन लोगों ने बाद में जुगाड़ करके ऐनकेन प्रकारेण अपना राशन कार्ड पुनः बनवा लिया था। उल्लेखनीय है कि जिला पूर्ति अधिकारी गोण्डा द्वारा माह सितंबर 2025 से नवंबर 2025 के मध्य अपने पोर्टल से 7340 राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया था। जिससे जिले के गरीब कार्ड धारर्को के समक्ष राशन का गंभीर संकट पैदा हो गया था। मीडिया में मामला उछला तो जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर नाराजगी जताई। कटरा बाजार क्षेत्र के रहने वाले वैद्य लखनलाल मिश्र के गांव के चार अति निर्धन कार्ड धारकों के कार्ड भी निरस्त कर दिए गए थे। किंतु वैद्य श्री मिश्र ने विधायक बावन सिंह से फोन करवा कर अपने लोगों का कार्ड बनवा लिया था। जैसे तैसे कुछ और लोगों ने भी कार्ड बनवा लिए थे। आज को जांच दल इन्हीं कार्ड धारकों से पूछताछ करके जांच कार्यवाही की खानापूर्ति करने में जुटा है।
सूत्र बताते हैं की जांच टीम को प्रभावित करने के लिए कुछ और भी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। जांच टीम मात्र कुछ घंटे में ही पुनः गोण्डा मुख्यालय पहुंची जहां से संयुक्त आयुक्त तथा उपयुक्त वापस चले गए एवं रुके हुए टीम कुछ सदस्य गुरुवार को भी जांच करेंगे।
शासन द्वारा नामित जांच टीम में लखनऊ, अयोध्या, अमेठी, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, लखीमपुर खीरी तथा हरदोई के अधिकारियों व पूर्ति निरीक्षकों को नामित किया गया था।

 

 

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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