स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे पर तारीख लिखना अनिवार्यकुंभ-2027 से पहले बाईपास निर्माण में तेजी के निर्देश, मेलाधिकारी और आईजी कुंभ ने किया स्थलीय निरीक्षणमलिहाबाद व माल में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में शांतिपूर्ण मतदानविवाहिता को प्रताड़ित कर हत्या के मामले में पति, सास-ससुर को भेजा जेलकिशोरी के साथ अनैतिक कार्य करने वाले युवक को पुलिस ने भेजा जेलएमएलसी चुनाव में मोहनलालगंज व नगराम में शांतिपूर्ण मतदानबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए महापौर ने मुख्यमंत्री से मांगा विशेष बजटघरौनी से किसानों की डिजिटल पहचान तक, बढ़ा राजस्व सुधारों का दायराडीएम व एसपी ने मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर मतदान का लिया जायजानौवें अंतरराष्ट्रीय महा योग ध्यान कुंभ का हुआ भव्य शुभारंभखुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे पर तारीख लिखना अनिवार्यकुंभ-2027 से पहले बाईपास निर्माण में तेजी के निर्देश, मेलाधिकारी और आईजी कुंभ ने किया स्थलीय निरीक्षणमलिहाबाद व माल में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में शांतिपूर्ण मतदानविवाहिता को प्रताड़ित कर हत्या के मामले में पति, सास-ससुर को भेजा जेलकिशोरी के साथ अनैतिक कार्य करने वाले युवक को पुलिस ने भेजा जेलएमएलसी चुनाव में मोहनलालगंज व नगराम में शांतिपूर्ण मतदानबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए महापौर ने मुख्यमंत्री से मांगा विशेष बजटघरौनी से किसानों की डिजिटल पहचान तक, बढ़ा राजस्व सुधारों का दायराडीएम व एसपी ने मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर मतदान का लिया जायजानौवें अंतरराष्ट्रीय महा योग ध्यान कुंभ का हुआ भव्य शुभारंभ

विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद एशियाई परिसंघ से जुड़े देशों के फुटबॉल प्रशासन में उथल-पुथल

विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद एशियाई परिसंघ से जुड़े देशों के फुटबॉल प्रशासन में उथल-पुथल

सियोल। फीफा विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) से जुड़े देशों में बड़े स्तर पर हलचल देखने को मिल रही है। कमजोर नतीजों के चलते कई देशों में नेतृत्व परिवर्तन और इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। दक्षिण कोरिया फुटबॉल संघ के अध्यक्ष चुंग मोंग-ग्यु ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह कदम देश के राष्ट्रपति की तीखी आलोचना और कोच होंग म्यंग-बो के पिछले सप्ताह इस्तीफे के बाद आया। दक्षिण कोरिया ग्रुप चरण से आगे बढ़ने में नाकाम रहा था। चुंग ने कहा कि कभी हमने उम्मीदों पर खरा उतरने वाले पल देखे और कभी गहरी निराशा भी। सभी सफलताओं का श्रेय खिलाड़ियों और प्रशंसकों को जाता है, जबकि गलतियों की जिम्मेदारी मेरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोरियाई फुटबॉल इस निराशा से उबरकर फिर से ऊंचाइयों को छुएगा।

टीम के स्टार खिलाड़ी सोन ह्यांग-मिन ने भी सोशल मीडिया पर भावुक माफी जारी की और कहा कि वह प्रदर्शन से बेहद आहत हैं तथा एक बार फिर देश का भरोसा जीतना चाहते हैं। उधर सऊदी अरब में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला, जहां फुटबॉल संघ अध्यक्ष यासिर अल-मिसेहल ने टीम के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया। टीम सातवीं बार विश्व कप में पहुंचने के बावजूद ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने स्वीकार किया कि परिणाम अपेक्षाओं से काफी कम रहे। विस्तारित 48 टीमों वाले विश्व कप में एएफसी की टीमों ने कुल 29 मैचों में केवल तीन जीत दर्ज कीं। नौ टीमों में केवल ऑस्ट्रेलिया और जापान ही ग्रुप चरण से आगे बढ़ सके। ईरान भले ही अपराजित रहा, लेकिन तीन ड्रॉ के कारण नॉकआउट में जगह नहीं बना सका।

ऑस्ट्रेलिया को अंतिम-32 में पेनल्टी शूटआउट में मिस्र से हारकर बाहर होना पड़ा। जापान ने ग्रुप चरण में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ट्यूनीशिया को 4-0 से हराया और नीदरलैंड व स्वीडन से ड्रॉ खेलकर ग्रुप चरण में दूसरा स्थान हासिल किया। ब्राजील के खिलाफ मैच में हालांकि 1-0 की बढ़त लेने के बावजूद वे 96वें मिनट में गोल खाकर बाहर हो गए। एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने कहा कि शीर्ष स्तर पर पहुंचने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। उन्होंने कहा कि हमारी टीमें तेजी से आगे बढ़ रही हैं और जबरदस्त जज्बा दिखा रही हैं। शीर्ष स्तर पर मुकाबला अब भी कड़ा है और इस फासले को कम करने के लिए हमें कड़ी मेहनत जारी रखनी होगी। दक्षिण कोरिया को 2002 में सेमीफाइनल में पहुंचना एशियाई देशों का विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाला जॉर्डन ने अपने सभी तीन मैच हारने के बाद कोच जमाल सेलामी से अलग होने का फैसला कर लिया। उन्होंने 2024 में पद संभाला था और टीम को ऐतिहासिक क्वालिफिकेशन दिलाया था। कतर और इराक के कोचों के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में सबसे नीचे रहीं। उज्बेकिस्तान ने अपने पहले विश्व कप में एक भी अंक हासिल नहीं किया, हालांकि कोच फैबियो कान्नावरों (2006 में इटली के विश्व कप विजेता कप्तान) के पद पर बने रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को महत्वपूर्ण सीख मिली है और यह भविष्य के लिए प्रेरणा बनेगा।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें