संकट में बड़े काम की चीज है डिजिटल अलर्ट!

गोंडा में मात्र सात तो मुरादाबाद में मात्र आठ मिनट में पहुंची पुलिस ने बचाई दोनों युवकों की जान
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। सोशल मीडिया पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट की निगरानी और त्वरित पुलिस कार्रवाई से 24 घंटे के भीतर दो युवकों की जाने बचाई गई। जहां मेटा कंपनी से मिले अलर्ट के आधार पर गोंडा और मुरादाबाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया। गोंडा में पुलिस टीम महज सात मिनट और मुरादाबाद में आठ मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। डीजीपी राजीव कृष्ण ने उक्त एलर्ट पर तत्काल कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। मेटा कम्पनी ने भेजे गए अलर्ट का संज्ञान लेकर मुख्यालय की सोशल मीडिया सेन्टर ने प्राप्त अलर्ट में उपलब्ध कराए गए मोबाइल नम्बरो के आधार पर तत्काल पीड़ितों की लोकेशन की जानकारी करके दोनों जनपदो को प्रकरण से अवगत कराया गया। जहां 21 अक्टूबर को गोंडा के थाना धानेपुर निवासी लगभग 22 वर्षीय युवक ने अब आपका यह बेटा इस दुनिया में नहीं रहेगायह टेक्स्ट लिखकर तथा हाथ में लाल रंग के पेय पदार्थ से भरी शीशी लेकर, इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया।
उक्त पोस्ट के संबंध में उसी दिन शाम 03:33 पर मेटा कंपनी की तरफ से पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के ज़रिए एलर्ट प्राप्त हुआ। जिसका तत्काल संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को संज्ञानित कराते हुए उनके निर्देश पर गोण्डा को प्रकरण से अवगत कराया गया। सूचना एवं लोकेशन मिलते ही गोंडा, थाना धानेपुर के उप निरीक्षक धर्मेंद्र यादव, आरक्षी अनुभव चौहान व आरक्षी सतेंद्र यादव युवक के घर मात्र सात मिनट के अन्तराल में पहुँच गए। पुलिस टीम ने युवक के परिजनों को युवक ने की गई पोस्ट की जानकारी देकर, युवक के पास पहुंचे और देखा कि युवक एक जगह चुपचाप एक कीटनाशक दवा की शीशी हाथ में लेकर बैठा है और काफ़ी टेंशन में लग रहा है। युवक उस दवा को पीने का प्रयास करता,इस से पूर्व ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर अविलम्ब युवक से वह शीशी छीन ली गई और युवक को वहाँ से हटाकर अलग ले जाया गया। साथ ही उसको समझाकर शांत कराया गया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह बिल्डिंग मैटेरियल का मसाला बनाने वाली गाड़ी का ड्राइवर है। युवक एक लड़की से प्रेम करता है किन्तु लड़की ने युवक से अचानक बात करना बन्द कर दिया। जिससे युवक काफी दिनों से मानसिक तनाव में था, इसी मानसिक तनाव के चलते उसके मन में आत्मघाती विचार उत्पन्न हुए और उसने यह कदम उठाया।
वहीं दूसरा मामलाउसी दिनमुरादाबाद के थाना डिलारी निवासी लगभग 19 वर्षीय युवक नेमुझे माफ़ कर देना, मैं अब मरनेवाला हूँ ये टेक्स्ट लिखकर तथा हाथ में गहरे रंग के पेय पदार्थ से भरी शीशी लेकर, इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। उक्त पोस्ट के संबंध में 21 अक्टूबर को ही प्रातः06:46 पर मेटा कंपनी की तरफ से पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के ज़रिए एलर्ट प्राप्त हुआ। जिसका तत्काल संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को संज्ञानित कराते हुए उनके निर्देश पर मुरादाबाद को प्रकरण से अवगत कराया गया।
सूचना एवं लोकेशन मिलते ही मुरादाबाद, थाना डिलारी के उप निरीक्षक ऋतिक कालखण्डे व आरक्षी अंकित चौहान मात्र आठ मिनट के अन्तराल में युवक के घर पहुंच गए। पुलिस टीम ने तत्काल परिजनों को युवक ने की गई पोस्ट की जानकारी देते हुए युवक के कमरे में पहुँचकर देखा गया कि युवक के पास में ही एक कीटनाशक की शीशी रखी है और वह उसमे से निकला पेय पदार्थ एक ग्लास में घोल रहा है पुलिस कर्मियों के द्वारा अविलम्ब युवक से वह ग्लास छीन लिया गया। तथा युवक से पूछा गया कि इस ग्लास में क्या घोल रहे थे, तो उसके द्वारा बताया गया की वह कीटनाशक घोलकर पीने वाला था।
इतना कहते हुए युवक रोने लगा। पुलिस कर्मियों ने युवक को समझकर शांत कराया गया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह वेल्डिंग का कार्य करता है और एक लड़की से प्रेम करता है किन्तु लड़की के परिजनों ने उन दोनों को बात नहीं करने दिया जाता है। साथ ही उनके दबाव के कारण अब लड़की ने हमेशा के लिए युवक से बात करने से मना कर दिया गया है, इसी मानसिक तनाव के चलते उसके मन में आत्मघाती विचार उत्पन्न हुए और उसने यह कदम उठाया। जहां दोनों मामलों में पुलिस कर्मियों ने समय रहते मौके पर पहुंचकर युवकों को आत्मघाती कदम उठाने से रोका और उनकी काउंसलिंग की। पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों ने भविष्य में ऐसा कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया। युवकों के परिजनों ने पुलिस की तत्परता और सहयोग के लिए यूपी पुलिस का आभार व्यक्त किया।



