जर्जर तार बने काल! किसान की तीन बीघा गन्ना फसल स्वाहा, मुआवजे को भटका रहा अन्नदाता
किसान बोला - जर्जर तारों की शिकायत की, विभाग ने नहीं सुनी, बिजली विभाग ने झाड़ा पल्ला - बोले दो चिड़ियों के टकराने से लगी आग

पसगवां/लखीमपुर-खीरी। पसगवां विकास खंड के जमिरहा गांव में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी ने किसान की तीन बीघा खड़ी गन्ने की फसल को जलाकर राख कर दिया। फसल जलने से किसान को लाखों का नुकसान हुआ है। पीड़ित किसान जितेंद्र सिंह ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीएम और प्रशासन से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है, वहीं विभाग अपने बचाव में अजीबोगरीब तर्क दे रहा है
गांव जमिरहा निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र नेतराम सिंह के खेत के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। किसान का आरोप है कि लाइन के तार काफी पुराने, जर्जर और ढीले लटके हुए हैं। तेज हवा में तार आपस में टकराते हैं और चिंगारियां निकलती हैं।
किसान जितेंद्र के मुताबिक, इस खतरे को लेकर उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया था, लेकिन विभाग ने सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। परिणाम स्वरूप बीते दिन दोपहर अचानक तारों से चिंगारी निकली और नीचे खड़े गन्ने के खेत में गिर गई। सूखे पत्तों के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और तीन बीघा फसल को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, तब तक पूरी फसल जल चुकी थी।
पीड़ित किसान ने प्रशासन से मौके का मुआयना कराकर नुकसान का आकलन करने और विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विभागीय पक्ष!
दूसरी तरफ बिजली विभाग के कर्मचारी मनीष कश्यप ने विभागीय लापरवाही के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि मौके पर न तो कोई बिजली का पोल टूटा है और न ही कोई तार क्षतिग्रस्त हुआ है। उनके अनुसार दो चिड़ियों के आपस में हाईटेंशन तार से टकराने के कारण चिंगारी निकली और आग लगी। उन्होंने किसान द्वारा लगाए गए आरोपों को मिथ्या और निराधार बताया।
अब सवाल यह है कि चिड़िया टकराई या जर्जर तारों ने फसल जलाई, इसकी निष्पक्ष जांच कौन करेगा? फिलहाल किसान मुआवजे की आस में प्रशासन के चक्कर लगा रहा है।



