सास की हत्या में दामाद को उम्रकैद, एक लाख जुर्माना
पत्नी से चल रहे विवाद में चाकू से गोदकर की थी हत्या, जुर्माना न देने पर नौ माह का अतिरिक्त कारावास

हजपुरा, अम्बेडकरनगर। पत्नी से चल रहे पारिवारिक विवाद में सास की बेरहमी से हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी दामाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे नौ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। करीब एक वर्ष पुराने इस चर्चित हत्याकांड में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया।
मामला सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव का है। गांव निवासी निर्मला देवी की 10 जनवरी 2025 की रात घर में घुसकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि उनकी हत्या दामाद राकेश तिवारी पुत्र राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने की थी। राकेश का अपनी पत्नी से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच वह घटना वाली रात अपनी ससुराल सिकंदरपुर पहुंचा और घर में घुसकर निर्मला देवी पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतका की पुत्री शालिनी उपाध्याय, पुत्री जगदम्बा उपाध्याय ने थानाध्यक्ष को दी गई तहरीर में घटना का विवरण देते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस ने राकेश तिवारी के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने जांच के बाद हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं में आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान डीजीसी क्रिमिनल गोविंद श्रीवास्तव ने वादिनी मुकदमा सहित अन्य गवाहों के बयान और साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए दोषी को कठोरतम सजा देने की दलील दी। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने आरोपी का प्रथम अपराध होने सहित विभिन्न तर्क रखे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए राकेश तिवारी को हत्या का दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को नौ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


