साइबर ठगी से बचाव को लेकर बसखारी चौक पर उपनिरीक्षक रिंकू सरोज ने चला जागरूकता अभियान
दुकानदारों को किया सचेत ठगी होते ही 1930 पर सूचना देने की अपील

अंबेडकरनगर। साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच बसखारी पुलिस ने सोमवार को लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया। बसखारी चौक पर उपनिरीक्षक रिंकू सरोज ने राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को आॅनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए। पुलिस ने लोगों से डिजिटल लेनदेन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की।
जागरूकता अभियान के दौरान उपनिरीक्षक ने कहा कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से रकम निकाल लेते हैं। ठग बैंक अधिकारी, रिश्तेदार, पुलिस कर्मी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का कर्मचारी बनकर फोन कर सकते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, बैंक खाते अथवा कार्ड से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड नहीं करने और सोशल मीडिया पर प्राप्त संदिग्ध संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी। साथ ही कहा कि किसी भी प्रकार के लालच, इनाम या तत्काल भुगतान के दबाव में आकर आॅनलाइन लेनदेन न करें।
ठगी होते ही तत्काल करें शिकायत:उन्होंने ने लोगों को साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ आॅनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित बैंक को सूचना देकर खाते अथवा लेनदेन को सुरक्षित कराने का प्रयास करना चाहिए और पुलिस को भी मामले से अवगत कराना चाहिए।
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराध में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। घटना की सूचना जितनी जल्दी दी जाती है, उतनी ही जल्दी संबंधित स्तर पर कार्रवाई शुरू की जा सकती है बसखारी उपनिरीक्षक रिंकू सरोज ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी डिजिटल ठगी के नए तरीकों की जानकारी दें। पुलिस का कहना है कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।


