सड़कों पर बेखौफ घूमते सांड, वाहन चालकों के लिए बने मुसीबत; आए दिन हो रहे हादसे, जिम्मेदार बेखबर

बसखारी अम्बेडकरनगर । कस्बे की सड़कों पर घूम रहे लावारिस सांड अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। बसखारी चौराहे समेत प्रमुख बाजारों और सड़कों पर सांडों का जमावड़ा आम हो गया है। सड़क के बीचों बीच खड़े सांड कभी भी अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे वाहन चालकों में हादसे का खतरा बना रहता है।यही नही हाईवे पर भी नजर आते है साड होते रहते है दुर्घटना सबसे चिंताजनक स्थिति हाईवे पर देखने को मिल रही है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सांडों का सड़क पर आ जाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
अंधेरे में सड़क पर बैठे या खड़े सांड वाहन चालकों को समय पर दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। चौराहों और बाजारों में सांडों के झुंड के कारण पैदल राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। दुकानदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सांडों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़कों पर विचरण करने वाले इन सांडों की वजह से आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही गंभीरता दिखानी चाहिए।
लोगों ने नगर पंचायत और प्रशासन से तत्काल अभियान चलाकर लावारिस सांडों को पकड़ने, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने और हाईवे व प्रमुख चौराहों को आवारा पशुओं से मुक्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसी दिन यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।


