प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं
मैसूर की प्रणवी ने अंतिम दौर में इवन पार 70 का स्कोर किया। चार दौर के बाद उनका कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए तीन बर्डी लगाईं और बढ़त बनाए रखी।

नागोया। भारत की प्रणवी उर्स ने एशियाई खेलों में महिला गोल्फ में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 23 वर्षीय प्रणवी एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। उन्होंने अंतिम दौर में एक स्ट्रोक की बढ़त बरकरार रखते हुए यह उपलब्धि हासिल की। प्रणवी के स्वर्ण के साथ भारतीय महिला टीम ने रजत पदक भी अपने नाम किया।
मैसूर की प्रणवी ने अंतिम दौर में इवन पार 70 का स्कोर किया। चार दौर के बाद उनका कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए तीन बर्डी लगाईं और बढ़त बनाए रखी। चीन की यिन रूओनिंग ने रजत, जबकि सिंगापुर की शैनोन टैन ने कांस्य पदक जीता।स्वर्ण जीतने के बाद प्रणवी ने कहा, मुझे कुछ उपलब्धि हासिल करने वाली पहली खिलाड़ी बनना पसंद है। लोग आगे भी जीतेंगे, लेकिन पहली बार जीतने वाला पहला ही होता है।
महिला टीम ने भी जीता रजत
प्रणवी के साथ ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर की भारतीय टीम ने टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारत ने कुल 14 अंडर 546 का स्कोर किया। चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।अदिति अशोक ने अंतिम दौर में 67 का स्कोर किया। एक डबल बोगी और एक बोगी के बाद उन्होंने लगातार पांच बर्डी लगाईं और संयुक्त 14वें स्थान पर रहीं। दीक्षा डागर अंतिम दौर में 77 के स्कोर के साथ संयुक्त 23वें स्थान पर रहीं।
गोल्फ में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
एशियाई खेलों में भारत के लिए पुरुष वर्ग में शिव कपूर ने 2002 बुसान खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले 1982 दिल्ली एशियाई खेलों में लक्ष्मण सिंह ने व्यक्तिगत पुरुष स्वर्ण जीता था। लक्ष्मण सिंह, अमित लूथरा और राजीव मोहत के प्रदर्शन से भारत ने उस समय टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था।प्रणवी उर्स का स्वर्ण पदक एशियाई खेलों में भारतीय महिला गोल्फ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।




