निजी वाहनों पर पदनाम का रौब पड़ा भारी, उत्तरकाशी पुलिस ने 38 वाहनों से हटाए अनधिकृत चिन्ह

- नाम-पद नहीं, नियमों का पालन है असली पहचान; पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान
पायनियर समाचार सेवा। उत्तरकाशी। निजी वाहनों पर अनधिकृत रूप से नाम, पदनाम, सरकारी पहचान अथवा प्रभाव दशार्ने वाले चिन्ह लगाने वालों के खिलाफ उत्तरकाशी पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनपदभर में चलाए गए विशेष चेकिंग एवं जागरूकता अभियान के दौरान 38 निजी वाहनों से अनधिकृत नेम-प्लेट, पदनाम पट्टिकाएं, स्टीकर एवं अन्य पहचान चिन्ह हटाए गए।
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के निदेर्शों के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन पर जिले के सभी कोतवाली एवं थाना क्षेत्रों में यह अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने निजी कारों, जीपों, मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की सघन जांच की। जांच के दौरान ऐसे वाहन चिन्हित किए गए जिन पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के सरकारी पदनाम, संस्थागत पहचान अथवा विशेष प्रभाव दशार्ने वाले बोर्ड और स्टीकर लगाए गए थे। पुलिस ने इन्हें हटाने के साथ ही वाहन स्वामियों को नियमों की जानकारी भी दी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निजी वाहनों पर किसी सरकारी पद, संस्था या विशेष पहचान को प्रदर्शित करने वाली पट्टिका अथवा स्टीकर लगाना नियमों के विपरीत है। ऐसे चिन्ह आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा करने के साथ-साथ कानून व्यवस्था और यातायात अनुशासन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। अभियान के दौरान वाहन चालकों को भविष्य में ऐसे अनधिकृत चिन्हों का प्रयोग न करने तथा यातायात नियमों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए गए। उत्तरकाशी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निजी वाहनों पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत नाम-पदनाम पट्टिका, बोर्ड या पहचान चिन्ह न लगाएं। पुलिस का कहना है कि सड़क पर सम्मान और पहचान नियमों के पालन तथा जिम्मेदार व्यवहार से बनती है, न कि वाहनों पर लिखे पदनामों से। अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



