नगर में निकाली गयी भव्य जल कलश यात्रा

जैन समाज ने की उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा
नकुड़। अनंत चतुर्दशी एवं पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन नगर में जैन समाज की ओर से भव्य जल कलश यात्रा श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। इससे पूर्व जैन मंदिर में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की विशेष पूजा-अर्चना की गई तथा भगवान का विधि-विधान से अभिषेक किया गया।
धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ अनंत चतुर्दशी की कथा से हुआ। कथा वाचन के बाद मंदिर परिसर में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। कथा संपन्न होने के बाद जैन मंदिर से भव्य जल कलश यात्रा प्रारंभ हुई।
यात्रा में समाज के छोटे-छोटे बच्चों से लेकर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान श्रद्धालु इंद्र का स्वरूप धारण कर यात्रा में शामिल हुए, जो आकर्षण का केंद्र रहा। सिर पर कलश धारण किए हुए महिलाएं और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल श्रद्धालु यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।
यात्रा नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए निकली। पूरे मार्ग में श्रद्धालु भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। जयकारों और धार्मिक भजनों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। जगह-जगह नगरवासियों ने यात्रा का स्वागत किया।
इस अवसर पर जैन समाज के लोगों ने पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। त्याग, संयम और ब्रह्मचर्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उल्लास देखने को मिला।



