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रूस में फंसे बेटे की राह ताक रही मां की आंखें, यश की वतन वापसी के लिए फिर उठी गुहार

-झूठे मुकदमे में फंसाने का परिवार ने लगाया आरोप, श्यामलाल ‘बच्ची’ सैनी ने संभाली पैरवी की कमान

रूस में फंसे बेटे की राह ताक रही मां की आंखें, यश की वतन वापसी के लिए फिर उठी गुहार

-अखिलेश यादव के बाद अब प्रो. रामगोपाल यादव से मिलेंगे सपा नेता, केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग
पायनियर समाचार सेवा, खतौली। रूस में कानूनी पचड़े में फंसे रतनपुरी क्षेत्र के गांव बड़सू निवासी यश कुमार सैनी की वतन वापसी के लिए परिवार की उम्मीद अब भी भारत सरकार पर टिकी है। बेटे की सलामती की चिंता में मां अनीता देवी की आंखें अपनों के बीच भी उसे तलाश रही हैं। परिवार का आरोप है कि रूस में गलत काम करने से इन्कार करने पर यश को झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया। परिजनों ने केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय समेत संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप कर बेटे को सुरक्षित भारत लाने की गुहार लगाई है।
परिजनों के अनुसार यश कुमार सैनी 26 अप्रैल 2026 को बैंकॉक होते हुए 27 अप्रैल को रूस पहुंचा था। बताया गया कि 17 मई को उसे डिलीवरी बॉय के रूप में काम पर लगाया गया। परिवार का आरोप है कि कुछ समय बाद यश पर कथित तौर पर ऐसा काम करने का दबाव बनाया गया, जिसे करने से उसने साफ इन्कार कर दिया। इसके बाद उसे कथित रूप से एक झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया और रूस की पुलिस हिरासत में पहुंच गया। यश के रूस में फंसे होने की जानकारी जब उसकी मां अनीता देवी को मिली तो परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों का कहना है कि विदेश में फंसे बेटे की स्थिति को लेकर हर दिन चिंता में गुजर रहा है। मां को बेटे की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है और परिवार लगातार उसकी सकुशल वापसी की आस लगाए बैठा है। परिजनों का यह भी आरोप है कि यश पर रूस की सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार के मुताबिक यश ने कथित दबाव स्वीकार करने से इन्कार किया, जिसके बाद उसे गलत आरोपों में फंसाया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि परिवार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी से नहीं हो सकी है। यश की वतन वापसी के लिए स्थानीय समाजवादी पार्टी नेता श्यामलाल ‘बच्ची’ सैनी ने परिवार की पैरवी की जिम्मेदारी उठाई है। इससे पहले वह पीड़ित परिवार के साथ सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर चुके हैं। परिवार के अनुसार मुलाकात के बाद अखिलेश यादव की ओर से विदेश मंत्री को पत्र भेजकर मामले में मदद का अनुरोध किया गया था। अब श्यामलाल ‘बच्ची’ सैनी ने मामले को आगे बढ़ाने के लिए सपा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव से मुलाकात की तैयारी की है। उनका कहना है कि वह पीड़ित परिवार को साथ लेकर प्रो. रामगोपाल यादव से मिलेंगे और विदेश मंत्रालय के स्तर पर यश की वतन वापसी के लिए मामला प्रभावी ढंग से उठाने का अनुरोध करेंगे। परिजनों का कहना है कि यश की वापसी के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री रामदास अठावले समेत कई जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों से संपर्क किया जा चुका है। परिवार का कहना है कि अपनी ओर से उन्होंने हरसंभव प्रयास कर लिया है, लेकिन अभी तक यश के रूस में पुलिस हिरासत में होने की बात सामने आ रही है। अब परिवार की निगाहें भारत सरकार और विदेश मंत्रालय की ओर हैं। परिजनों ने मांग की है कि रूस के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर यश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराई जाए। यदि वह किसी कानूनी प्रक्रिया में फंसा है तो उसे आवश्यक राजनयिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
यश की मां अनीता देवी और परिवार के अन्य सदस्यों ने भावुक होकर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि लंबे समय से बेटे की चिंता में परिवार मानसिक परेशानी से गुजर रहा है। उन्हें हर पल उसकी सुरक्षा की चिंता सताती रहती है। परिजनों की सरकार से एक ही मांग है कि रूस में फंसे यश कुमार सैनी की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और उसकी सुरक्षित व सकुशल भारत वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए।

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