लगातार बारिश से जनजीवन बेहाल, कई कच्चे मकान ढहे

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। लगातार करीब 48 घंटे से हो रही बारिश ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जगह-जगह जलभराव और रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण कई गांवों में कच्चे मकान भरभराकर गिर गए। हालांकि अलग-अलग घटनाओं में परिवार के लोग बाल-बाल बच गए।

रहीमाबाद क्षेत्र के भतोइया गांव में रणधीर सिंह का कच्चा मकान बारिश के चलते ढह गया। मकान में रखा घरेलू सामान भी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के लोग दूसरे मकान में मौजूद थे। इसी तरह मनकौटी गांव में राजू, रूपेश और सूरज और गौंदा गांव में पवन कश्यप का कच्चा मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। हादसे के दौरान पास में मौजूद परिवार के लोग बाल-बाल बच गए, जबकि घरेलू सामान मलबे में दब गया।
उमरावल के मजरा अमृतखेड़ा में मुकेश का कच्चा मकान भी अचानक भरभराकर गिर गया। घटना के समय परिवार के लोग लखनऊ स्थित अस्पताल गए हुए थे। वहीं मवई कला गांव में मेहंदी का कच्चा मकान भी बारिश की चपेट में आकर ढह गया। मकान में रखा घरेलू सामान मलबे के नीचे दब गया। गनीमत रही कि परिवार के लोग घटना के समय दूसरे कमरे में थे। बारिश के साथ चली तेज हवाओं से एबीसी विद्युत लाइन पर सागौन के पेड़ की डाल गिर गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ। लगातार बारिश के कारण कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों में भी चिंता बढ़ गई है।
उधर, रहीमाबाद के चांदपुर गांव में जल निकासी की व्यवस्था न होने से कई घरों में करीब तीन फीट तक बारिश का पानी भर गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के नाले पर अतिक्रमण होने के कारण पानी की निकासी बाधित है। इससे बारिश का पानी नाले के बजाय गांव में जमा होकर घरों में घुस रहा है। घरों में पानी भरने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को पानी की निकासी कराने का आश्वासन दिया।



