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एक किग्रा से चूका सोना, मगर अजय बाबू ने जीत लिया करोड़ों दिलों का सम्मान

अजय बाबू ने 79 किग्रा भार वर्ग में जीता रजत पदक,330 किग्रा वजन उठाकर बनाए राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड, स्वर्ण से चूके महज एक किग्रा से ग्लास्गो। भारत के युवा भारोत्तोलक वल्लुरी अजय बाबू ने राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए…

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एक किग्रा से चूका सोना, मगर अजय बाबू ने जीत लिया करोड़ों दिलों का सम्मान
  • अजय बाबू ने 79 किग्रा भार वर्ग में जीता रजत पदक,330 किग्रा वजन उठाकर बनाए राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड, स्वर्ण से चूके महज एक किग्रा से

ग्लास्गो। भारत के युवा भारोत्तोलक वल्लुरी अजय बाबू ने राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के 79 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। 21 वर्षीय अजय ने अपनी दमदार लिफ्टिंग से न केवल पदक जीता, बल्कि स्नैच और क्लीन एवं जर्क दोनों में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड भी कायम किया। हालांकि वह स्वर्ण पदक से बेहद मामूली अंतर से चूक गए।

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रहने वाले अजय बाबू ने स्नैच में 149 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 181 किग्रा वजन उठाया। इस तरह उन्होंने कुल 330 किग्रा भार दर्ज किया। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें रजत पदक दिलाया और भारोत्तोलन में भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया।

मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने अजय बाबू को कड़े मुकाबले में पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। हिदायत ने कुल 331 किग्रा भार उठाया, जिसमें स्नैच में 147 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 184 किग्रा शामिल रहा। वहीं इंग्लैंड के क्रिस मरे ने 325 किग्रा के कुल भार के साथ कांस्य पदक जीता।

मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच स्वर्ण के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला। क्लीन एवं जर्क में पहले मलेशिया के हिदायत ने 181 किग्रा वजन उठाकर नया खेल रिकॉर्ड बनाया। इसके जवाब में अजय बाबू ने अपने आखिरी प्रयास में 181 किग्रा सफलतापूर्वक उठाकर रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और कुल भार 330 किग्रा तक पहुंचा दिया। हालांकि हिदायत ने अंतिम प्रयास में 184 किग्रा उठाकर फिर से रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

इससे पहले स्नैच में अजय बाबू ने 145 किग्रा के सफल प्रयास के साथ शुरुआत की। दूसरे प्रयास में 149 किग्रा उठाने में असफल रहने के बाद उन्होंने अंतिम प्रयास में शानदार वापसी की और 149 किग्रा वजन उठाकर नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बना दिया। स्नैच के बाद वह इंग्लैंड के क्रिस मरे (148 किग्रा) और मलेशिया के हिदायत (147 किग्रा) से आगे चल रहे थे।

अजय बाबू का यह प्रदर्शन भारतीय भारोत्तोलन के लिए बड़ी उपलब्धि है। मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में भारत का यह छठा पदक है। युवा अजय की इस सफलता से भारतीय खेल जगत में खुशी की लहर है और उनसे भविष्य में और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद बढ़ गई है।