पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार शर्मा एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने विकास खंड बख्शी का तालाब स्थित कंपोजिट विद्यालय सरैया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का आकलन किया, स्मार्ट क्लास की गतिविधियों को देखा और बच्चों के साथ संवाद कर उनके सीखने की क्षमता परखी।
अधिकारियों ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था,अनुशासन और छात्र उपस्थिति पर संतोष व्यक्त किया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति शुक्ला ने बताया कि निरीक्षण के समय विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित मिला। विद्यालय में 380 नामांकित विद्यार्थियों के सापेक्ष 75 प्रतिशत से अधिक बच्चों की उपस्थिति पाई गई,जिसे अधिकारियों ने संतोषजनक बताया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने प्रत्येक कक्षा में जाकर शिक्षण प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। स्मार्ट क्लास में बच्चों के बीच बैठकर उनसे विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और उनकी समझ का मूल्यांकन किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का परीक्षण किया और शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मध्याश के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विद्यार्थियों के साथ पंगत में बैठकर पीएम पोषण योजना के तहत परोसा गया भोजन ग्रहण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता,स्वच्छता और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों को अक्षयपात्र के माध्यम से दाल-चावल वितरित किया गया, जिसकी गुणवत्ता पर भी अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पांच से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए संचालित बाल वाटिका का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का आधार है।










