पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की महानिदेशक अन्वेषण डॉ. अनुपमा निलेकर चंद्रा ने बुधवार को उत्तर प्रदेश कारागार मुख्यालय का भ्रमण किया। तथा महानिदेशक कारागार पीसी मीना के साथ विभाग ने मानवाधिकार संरक्षण, बंदियों के कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास एवं कारागार सुधारों से संबंधित विभिन्न पहलों की समीक्षा की। बैठक में विभाग द्वारा स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, विधिक सहायता, कौशल विकास, ई-प्रिजन्स प्रणाली, अर्ली रिलीज प्रोसेसिंग मैकेनिज्म तथा अन्य सुधारात्मक उपायों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक के दौरान डॉ. चंद्रा ने बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया तथा उत्तर प्रदेश कारागार विभाग की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के साथ साझा करने का अनुरोध किया, ताकि उन्हें अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सके। इसके उपरांत उन्होंने कारागार मुख्यालय के आधारित एकीकृत निगरानी एवं नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया तथा विभाग की तकनीक-संपन्न निगरानी व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कारागार संग्रहालय में संरक्षित ब्रिटिशकालीन अभिलेखों एवं विभाग की ऐतिहासिक विरासत का अवलोकन किया।
साथ ही वन जेल-वन प्रोडक्ट गैलरी का भ्रमण कर बंदियों को दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण एवं उनके द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रशंसा की। इस अवसर पर अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेन्द्र सिंह, उप महानिरीक्षक कारागार प्रदीप गुप्ता, पीएन पाण्डेय, डॉ. रामधनी, वित्त नियंत्रक आबिद अंसारी, वरिष्ठ अधीक्षक रंगबहादुर पटेल सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।









