लेखपाल संघ ने तहसील दिवस का किया बहिष्कार, चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

जलालपुर, अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आवाह्न पर शनिवार को जलालपुर तहसील के लेखपालों ने तहसील दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान लेखपालों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शासन और विभाग के प्रति नाराजगी जताई। संघ पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी मधुमिता सिंह को ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष जयकरन पाल और तहसील मंत्री अजय प्रताप ने कहा कि लेखपाल लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन और विभाग का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से लेखपालों में आक्रोश और असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब संघ ने मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार, 8 अक्टूबर को समस्त आॅनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 10 अक्टूबर को थाना दिवस के दौरान लेखपाल काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार करेंगे। 12 अक्टूबर को तहसील एवं जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। वहीं 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। 17 अक्टूबर को तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
लेखपाल संघ ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में करीब दस वर्षों से लंबित प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग, वेतन विसंगति दूर करना, करीब आठ वर्षों से लंबित अंतर मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करना तथा लंबे समय से लंबित पदोन्नति सूची जारी करना शामिल है। इसके अलावा लेखपालों के विभिन्न भत्तों में वृद्धि, पदोन्नति के बाद संबंधित पटल से लेखपालों के नाम हटाने तथा प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से लेखपालों को अवमुक्त करने की मांग भी प्रमुख है।
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


