खाद्य प्रसंस्करण से गांव में मिलेगा रोजगार, पलायन पर लगेगी रोक

-खंद्रावली में दो दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन, 30 युवक-युवतियों ने लिया प्रशिक्षण
शामली। ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से राजकीय फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र शामली की ओर से ग्राम पंचायत खंद्रावली में दो दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला महामंत्री नरेंद्र चौहान और भाजपा मंडल कोषाध्यक्ष वेदपाल ने फीता काटकर किया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को लेखन सामग्री भी वितरित की गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण की लघु इकाई स्थापित कर स्वरोजगार का अवसर मिल सकता है। इससे वे स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ सकेंगे। खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षक लोकेश कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को खाद्यान्न, दलहन और तिलहन से तैयार होने वाले प्रसंस्कृत उत्पादों के साथ जैम, जेली, टमाटर सॉस, नवरत्न चटनी, स्क्वैश और अचार आदि बनाने की जानकारी दी। पीएमएफएमई योजना के डीआरपी बिजेंद्र गिरी ने बताया कि कम पूंजी निवेश के साथ खाद्य प्रसंस्करण इकाई शुरू की जा सकती है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने मसालों को सुखाने, पीसने और पैकिंग करने के साथ खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। विषय विशेषज्ञ रोहित अग्रवाल ने खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में साफ-सफाई, उत्पादों की उपयोगिता और महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने चिप्स, पापड़ और बड़ी आदि तैयार करने की विधि भी बताई। केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र राठी ने कहा कि गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं का रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कम किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार शुरू करने और क्षेत्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।केंद्र प्रभारी के अनुसार दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम छह और सात अक्तूबर को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के बाद इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों के लिए लघु उद्योग स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव तैयार कराए जाएंगे। विभाग की ओर से मशीन एवं उपकरणों की खरीद पर एक लाख रुपये तक अनुदान दिए जाने की जानकारी भी दी गई। समापन अवसर पर नरेंद्र चौहान ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए और सरकार की योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में करीब 30 प्रशिक्षणार्थियों के अलावा क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।



