ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी

-दिल्ली आंदोलन से लौटे प्रदेश महासचिव अश्वनी शर्मा को पुलिस ने डिटेन किया, तीन अन्य नेता भी नजरबंद
शामली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में कांग्रेस के आंदोलन के बीच शामली में बुधवार देर रात पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं को नजरबंद कर दिया। दिल्ली से लौटे कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अश्वनी शर्मा को सींगरा गांव में पुलिस ने डिटेन कर लिया। इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष नासिर चौधरी, जिला प्रवक्ता जुबैर चौधरी और जिला उपाध्यक्ष वीशू शर्मा को भी नजरबंद किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अश्वनी शर्मा बुधवार शाम अपनी टीम के साथ दिल्ली से लौटकर अपने गांव सींगरा पहुंचे थे। आरोप है कि बुधवार देर रात झिंझाना कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र कसाना के निर्देश पर अहमदगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी अशोक कुमार, विकास कुमार, योगेंद्र सिंह और कांस्टेबल अमरपाल शर्मा ने उन्हें डिटेन कर लिया। वहीं, सींगरा में जिला उपाध्यक्ष नासिर चौधरी और जिला प्रवक्ता जुबैर चौधरी को भी पुलिस ने नजरबंद किया। ऐरटी गांव में जिला उपाध्यक्ष वीशू शर्मा को कंडेला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी प्रभारी द्वारा नजरबंद किए जाने की जानकारी कांग्रेस नेताओं ने दी।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष के करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते थे। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने सांसदों को पैदल मार्च की अनुमति नहीं दी। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में पिछले चार दिनों से कांग्रेस का आंदोलन चल रहा है। अश्वनी शर्मा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में असंवैधानिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता का माहौल है और संविधान को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस जनता की आवाज को दबने नहीं देगी। नासिर चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज को दबने नहीं देगी। वहीं, वीशू शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई को संवैधानिक मूल्यों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।



