पायनियर संवाददाता। सोनभद्रशारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर हिंडालको रेनुसागर में दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं।मां दुर्गा के स्वागत के लिए श्री श्री दुर्गा पूजा समिति, रेनुसागर द्वारा इस वर्ष भी भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 16 अक्टूबर को महाषष्ठी से शुरू होने वाले इस महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।हिंडालको रेनुसागर के यूनिट हेड आर. पी. सिंह तथा आशीष पांडेय के दिशा-निर्देशन में आयोजित होने वाले इस महोत्सव के लिए पैराडाइज प्रेक्षागृह परिसर में आकर्षक एवं भव्य पंडाल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 60 फीट ऊंचा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा।समिति के सचिव पी. चट्टोपाध्याय ने बताया कि कोलकाता से आए दर्जनों कारीगर गोपाल मुखर्जी के नेतृत्व में दिन-रात मेहनत कर पंडाल को भव्य स्वरूप देने में जुटे हैं।समिति के उपाध्यक्ष आशीष पांडेय ने बताया कि दुर्गा पूजा महोत्सव को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए यातायात नियंत्रण की भी व्यापक व्यवस्था की जा रही है, ताकि पूजा-अर्चना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रीराम ने छोड़ा शिव धनुष, भाव विभोर हुए दर्शक
सोनभद्र।हिंडाल्को रामलीला परिषद के तत्वावधान में रामलीला के तीसरे दिन की लीला ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।सीताजी द्वारा गौरी पूजन, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण् -परशुराम संवाद व राम-सीता विवाह आदि का मंचन सजीवता से किया गया।धनुष यज्ञ के प्रसंग में मिथिला नरेश राजा जनक की घोषणा पर शिव धनुष को भंग करने के लिए कई देश के राजकुमार मिथिला पहुंचते हैं।रावण भी स्वयंवर में पहुंचता है, परन्तु अपने आराध्य शिवजी की धनुष तोड़ने की बात पर वह स्वयंवर से हट जाता है। श्रीराम शिव धनुष को उठा प्रत्यंचा चढ़ाकर भंग कर देते हैं। इस पर शिव भक्त परशुराम अपने आराध्य के धनुष को भंग होता देखकर अत्यन्त क्रोधित हो जाते हैं।जिसके बाद परशुराम और लक्ष्मण में संवाद तीखे संवाद होते हैं। अंत में श्रीराम अपनी मधुर वाणी से परशुरामजी के क्रोध को शांत करने में सफल होते हैं। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ श्रीरामजी अपनी बारात लेकर मिथिला पहुंचते हैं और मंगल गीतों के बीच सीताजी से उनका विवाह संपन्न होता है।इस मंचन को देख श्रीराम के जयघोष से पूरा मैदान गूंज उठता है।इससे पूर्व एसडीएम दुद्धी अशोक गुप्ता, एबीजी लर्निंग हेड नीलमणि सिंह, हिण्डाल्को के मुखिया समीर नायक, क्लस्टर एचआर हेड जसबीर सिंह, अजय सिन्हा व अन्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश पूजन कर किया गया इस दौरान सेफ्टी हेड जयश्री तिवारी, जनसंपर्क विभाग प्रमुख यशवंत कुमार, रामलीला परिषद के अध्यक्ष पी. के. उपाध्याय, सचिव आदित्य प्रकाश पांडे, कोषाध्यक्ष पद्माकर, निर्देशक राजेंद्र सिंह तथा राजेश सिंह मिश्रा मौजूद रहे।