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मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यून करने के लिए प्रभावी उपायों पर मंथन

मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यून करने के लिए प्रभावी उपायों पर मंथन
  • अल्मोड़ा में पायलट प्रोजेक्ट की संभावनाओं पर चर्चा।

पायनियर समाचार सेवा। अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में आज जनपद में मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यून करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष के क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे लोगों के अनुभवों, व्यावहारिक सुझावों एवं उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली गई। इस दौरान जनपद अल्मोड़ा में प्रभावी उपायों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू कर उनका परीक्षण करने की संभावनाओं पर भी विस्तृत मंथन किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है और इसके समाधान के लिए परंपरागत उपायों के साथ ही स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक एवं प्रभावी मॉडल विकसित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने वन विभाग, उद्यान विभाग तथा इस क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे लोगों के अनुभवों का समन्वय करते हुए ऐसे उपायों को चिह्नित करने पर जोर दिया, जिन्हें पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जनपद के चयनित क्षेत्रों में लागू किया जा सके।
बैठक में वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने की घटनाओं को कम करने के दृष्टिगत जंगलों में फलदार वृक्षों को उगाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही कृषि एवं बागवानी क्षेत्रों को वन्यजीवों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए तारबाड़ की व्यवस्था में क्लस्टर आधारित प्रणाली अपनाने पर जोर दिया गया। इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग खेतों के स्थान पर प्रभावित क्षेत्रों को समूह के रूप में चिह्नित कर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को बैठक में प्राप्त सुझावों की व्यावहारिकता का परीक्षण करने तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पायलट स्तर पर सफल रहने वाले उपायों को आगे अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी लागू करने की दिशा में कार्य किया जा सकता है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, संभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु, प्रदीप धौलाखंडी, जिला उद्यान अधिकारी युवराज सहित उद्यान एवं वन्यजीव क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे प्रेम गिरी गोस्वामी, ईश्वरी दत्त जोशी तथा सामाजिक कार्यकर्ता पीसी तिवारी , हिमांशु लटवाल आदि उपस्थित रहे।

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