फरीदाबाद-सेक्टर-25 में सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से सेक्टर-56 निवासी असलम की मौत हो गई, जबकि उसके साथ सीवर में उतरे बंटी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को सीवर से बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, असलम और बंटी को एक निजी कंपनी के मालिक ने कंपनी परिसर के निकट बने बड़े सीवर की सफाई के लिए बुलाया था। दोनों सोमवार सुबह करीब 10 बजे सीवर की सफाई के लिए नीचे उतरे। कुछ ही देर बाद सीवर के अंदर जहरीली गैस बनने से दोनों की हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।
आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सीवर की गहराई और गैस के कारण उन्हें निकालना संभव नहीं हो सका। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस की सूचना पर दमकल की तीन गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को दोपहर तक सीवर से बाहर निकाला। असलम की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि बंटी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।
बहन का आरोप:
असलम की बहन ने आरोप लगाया कि उसके भाई को सीवर की सफाई का काम नहीं आता था। उनके मुताबिक, बंटी के कहने पर उसके भाई को जबरन इस काम के लिए साथ ले जाया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब असलम को सीवर की सफाई का अनुभव नहीं था तो उसे इस खतरनाक काम में क्यों उतारा गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें असलम का शव मिला।
निगम के सफाई दावों पर भी सवाल:
हादसे के बाद सीवर और नालों की सफाई को लेकर नगर निगम के दावों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शहर में सीवर और नालों की नियमित सफाई व्यवस्था दुरुस्त है तो निजी कंपनी को इस तरह लोगों को सीवर के अंदर उतारकर सफाई कराने की जरूरत क्यों पड़ी। बिना सुरक्षा उपकरणों और गैस की जांच के कर्मचारियों को सीवर में उतारना गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है।
जांच शुरू:
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के वास्तविक कारणों और सफाई के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
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