यूएई निवेशकों के लिए भारत में निवेश के बड़े अवसर, सीईपीए से मिलेगी नई रफ्तार : पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 28 सितंबर। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के निवेशकों के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
मुंबई में आयोजित भारत-यूएई निवेश पर उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल (एचएलजेटीएफआई) की 14वीं बैठक को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने निवेश और नवाचार के जरिए भारत-यूएई साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक में द्विपक्षीय निवेश प्रवाह बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की सह-अध्यक्षता पीयूष गोयल और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीआईए) के प्रबंध निदेशक शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने की। इस दौरान दोनों पक्षों ने निवेश, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को मजबूत करने के लिए सीईपीए के प्रभावी उपयोग पर विचार-विमर्श किया।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनकी यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जायोदी से भी मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने सीईपीए के तहत हो रही प्रगति की समीक्षा की और व्यापार एवं निवेश साझेदारी को और गहरा करने के नए तरीकों पर चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीईपीए के माध्यम से भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति और यूएई निवेशकों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को वैश्विक स्तर पर बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2013 में स्थापित उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल भारत और यूएई के बीच निवेश संबंधों को बढ़ावा देने का एक प्रभावी मंच रहा है। यह कार्यबल दोनों देशों के निवेशकों के सामने आने वाली चुनौतियों के समाधान और नए निवेश अवसरों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।



