फाइव स्टार होटलों से जेल की बैरक तक पहुंची श्रद्धा दुबे की जिंदगी

लग्जरी लाइफस्टाइल छोड़ आम महिला बंदियों के बीच गुजार रही समय, जेल के तय नियमों के मुताबिक मिल रहा भोजन
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। राजधानी के चर्चित कारोबारी शिव शर्मा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा दुबे की जिंदगी अब पहले जैसी नहीं रह गई है। कभी मॉडलिंग, महंगे होटलों और लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में रहने वाली श्रद्धा अब गोसाईंगंज जिला जेल में आम महिला बंदियों के बीच रह रही है। अदालत के आदेश पर जेल भेजे जाने के बाद उसकी दिनचर्या भी जेल के निर्धारित नियमों के दायरे में सिमट गई है। जेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दिनों में अलग बैरक में रखे जाने के बाद उसे सामान्य महिला बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया है।
शिव शर्मा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे भी जेल में बंद है। दोनों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच जारी है। पुलिस इस पूरे प्रकरण में घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के साथ ही फरारी के दौरान आरोपियों को कथित रूप से मदद पहुंचाने वालों की भूमिका भी खंगाल रही है। गौरतलब है कि गत नौ अक्टूबर को हजरतगंज क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर अलीगंज निवासी 28 वर्षीय कारोबारी शिव शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक की मां रंजना शर्मा की तहरीर पर रश्मि दुबे, श्रद्धा दुबे, चालक दानिश और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद श्रद्धा दुबे लगातार 11 दिनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रही। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गईं।
इस दौरान उसके अलग-अलग स्थानों पर पहुंचने की चर्चाएं सामने आईं। जांच के क्रम में आगरा के एक होटल के सीसीटीवी फुटेज की भी चर्चा हुई। आखिरकार उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने उसे नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा को लखनऊ लाया गया, जहां हजरतगंज कोतवाली में उससे कई घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया और अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया। पुलिस की जांच अब इस सवाल पर भी केंद्रित है कि फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे कहां-कहां रुकी और उसे किन लोगों का सहयोग मिला। सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद कुछ लोगों से संपर्क किए जाने और कथित मदद की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, फरारी में किसने और किस स्तर पर मदद की, इसे लेकर जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जेल सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा दुबे को अब सामान्य महिला बंदियों के साथ रखा जा रहा है। यहां सभी बंदियों की तरह उसे भी जेल मैनुअल के मुताबिक निर्धारित भोजन और सुविधाएं मिल रही हैं।
जेल की नियमित दिनचर्या, सीमित सुविधाओं और तय समय-सारिणी के बीच उसे अपना समय बिताना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, जेल में सुबह चाय और दलिया दिया जाता है, जबकि दोपहर और रात के भोजन में दाल, रोटी, चावल और मौसमी सब्जियां शामिल रहती हैं। यह भोजन जेल में निर्धारित व्यवस्था के तहत बंदियों को उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि, श्रद्धा की व्यक्तिगत दिनचर्या पहले लाइफस्टाइल और हाई प्रोफाइल थी जिसके चलते अब उसको जेल में सामान्य कैदियों के बीच रहना पड़ रहा है, तो दिक्कत होना लाजमी है। जेल सूत्रों के मुताबिक, अब तक श्रद्धा दुबे से मुलाकात करने के लिए किसी करीबी के पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है। हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण यह प्रकरण लगातार चर्चा में बना हुआ है। उधर, पुलिस की जांच भी जारी है और मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
इस मामले में श्रद्धा दुबे ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। रश्मि दुबे और चालक की जमानत अर्जियों को लेकर भी राहत नहीं मिलने की बात सामने आई है। फिलहाल, शिव शर्मा हत्याकांड में पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। कभी सुर्खियों में रहने वाली श्रद्धा दुबे अब जेल की निर्धारित दिनचर्या के बीच है, जबकि इस पूरे मामले में कई सवालों के जवाब अभी तक बाहर निकाल कर नहीं आए पुलिस पूरे प्रकरण को लेकर जांच पड़ताल में जुटी है।



