विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

- मानसिक स्वास्थ्य और गंभीर रोगियों की देखभाल पर दिया जोर
- दर्द से राहत और समय पर उपचार के प्रति लोगों को किया जागरूक
पायनियर समाचार सेवा। उत्तरकाशी। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को समय पर परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराने और गंभीर व दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों को दर्द से राहत दिलाने के उद्देश्य से शनिवार को जनपद उत्तरकाशी में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एवं विश्व प्रशामक एवं उपशामक देखभाल दिवस के अवसर पर जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय के दिशा-निर्देशन में जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी सहित जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में इन दिवसों के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में प्रमुख अधीक्षक डॉ. बी.एस. रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक समस्याओं से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर उचित सहायता उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनके लक्षणों को समझना, समय पर विशेषज्ञों से परामर्श लेना और जरूरत पड़ने पर उपचार प्राप्त करना आवश्यक है।
वहीं, विश्व प्रशामक एवं उपशामक देखभाल दिवस के अवसर पर गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों के जीवन को अधिक सहज और बेहतर बनाने में प्रशामक देखभाल की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस वर्ष की थीम ह्यदर्द प्रबंधन: प्रशामक देखभाल का एक आवश्यक हिस्साह्ण रखी गई है। इसके तहत मरीजों को दर्द और अन्य कष्टकारी लक्षणों से राहत प्रदान करने के साथ उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही मरीजों के परिजनों को भी देखभाल के विभिन्न पहलुओं और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय ने जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप जिला चिकित्सालयों, जिला चिकित्सालय तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दोनों दिवसों के महत्व को लेकर जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने, जरूरतमंद व्यक्तियों को उचित परामर्श एवं उपचार के लिए प्रेरित करने और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को आवश्यक प्रशामक देखभाल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की इन गतिविधियों का उद्देश्य जनसामान्य में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, मानसिक समस्याओं से जुड़े संकोच को कम करना तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को बेहतर देखभाल और दर्द से राहत उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।



