लखनऊ: उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में योगी सरकार शुक्रवार को एक बड़ी उपलब्धि जोड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के अत्याधुनिक नए परिसर का लोकार्पण करेंगे। यह परिसर प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को वैश्विक मानकों के अनुरूप नई दिशा देगा।
करीब 464 करोड़ रुपये की लागत से 22.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस आधुनिक परिसर का निर्माण सुलतानपुर रोड स्थित सीजी सिटी में किया गया है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की सात दशक से अधिक पुरानी प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधनों और उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं से जोड़ने का काम करेगी।
1,200 प्रशिक्षणार्थियों की होगी क्षमता
नए परिसर में एक समय में 300 आवासीय और 900 गैर-आवासीय, यानी कुल 1,200 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। यहां भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), प्रांतीय सिविल सेवा (PCS), न्यायिक सेवा, ग्रुप ‘ए’ और ग्रुप ‘बी’ के अधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर
अकादमी परिसर में आधुनिक प्रशिक्षण और शोध के लिए कई उन्नत सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें शामिल हैं—
- 13 अत्याधुनिक स्मार्ट प्रशिक्षण कक्ष
- 300 सीटों वाला प्रेक्षागृह
- दो बहुउद्देशीय सभागार
- डिजिटल लर्निंग सेंटर
- डिजिटल स्टूडियो और डिजिटल लैब
- आधुनिक पुस्तकालय
- कॉन्फ्रेंस रूम और बोर्ड रूम
- शोध एवं अध्ययन केंद्र
- क्रिकेट मैदान
- बैडमिंटन कोर्ट
- लॉन टेनिस कोर्ट
इसके अलावा यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की भी पूरी व्यवस्था की गई है।
1951 से शुरू हुई थी प्रशिक्षण व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक प्रशिक्षण की शुरुआत वर्ष 1951 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल (OTS) के रूप में हुई थी। पिछले सात दशकों में इस संस्थान ने हजारों आईएएस, पीसीएस, न्यायिक सेवा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब नया परिसर आधुनिक तकनीक और बेहतर अधोसंरचना के साथ इस व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
सुशासन को मिलेगी नई मजबूती
राज्य सरकार का मानना है कि यह आधुनिक अकादमी अधिकारियों के नेतृत्व कौशल, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत करेगी। भविष्य की प्रशासनिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह परिसर उत्तर प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।










