UP Assembly Monsoon Session 2026: 3 अगस्त से शुरू होगा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र, 4 अगस्त को अनुपूरक बजट और 6 अगस्त को बजट पर चर्चा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। यह सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक चलेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस सत्र में श्रद्धांजलि प्रस्ताव, अनुपूरक बजट, विधायी कार्य और बजट पर विस्तृत चर्चा जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होंगे। राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में संसद के मानसून सत्र की तरह उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र भी हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।

3 अगस्त को दिवंगत विधायकों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

मानसून सत्र के पहले दिन यानी 3 अगस्त को सदन की कार्यवाही दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू होगी। परंपरा के अनुसार श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। इस दौरान विभिन्न दलों के नेता दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

4 अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट

सत्र के दूसरे दिन 4 अगस्त को राज्य सरकार विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इसमें विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव सदन के सामने रख सकती है।

5 अगस्त को होंगे विधायी कार्य

5 अगस्त को विधानसभा में विभिन्न विधेयकों और विधायी कार्यों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दौरान सरकार नए विधेयक भी पेश कर सकती है, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर बहस और संशोधन की मांग उठा सकता है।

6 अगस्त को बजट पर होगी चर्चा

मानसून सत्र के अंतिम दिन 6 अगस्त को अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। विपक्ष बजट के विभिन्न प्रावधानों पर सरकार से सवाल पूछ सकता है, जबकि सरकार अपनी योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन का पक्ष रखेगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

हंगामेदार रहने के आसार

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मानसून सत्र कई अहम मुद्दों को लेकर चर्चा का केंद्र बन सकता है। कानून-व्यवस्था, किसानों के मुद्दे, युवाओं से जुड़े विषय, भर्ती प्रक्रियाएं, विकास योजनाएं और अन्य जनहित के मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रमुखता से सदन में रखेगी।

ऐसे में उत्तर प्रदेश विधानसभा का यह मानसून सत्र केवल विधायी कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों और सरकार-विपक्ष के टकराव का भी महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।

 

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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